Live 7 TV
सनसनी नहीं, सटीक खबर

मीनाक्षी लेखी ने संत ईश्वर फाउंडेशन की स्थापना दिवस पर दी बधाईयां

- Sponsored -

केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती मीनाक्षी लेखी ने संत ईश्वर फाउंडेशन की स्थापना दिवस के अवसर पर संस्था को 10 वर्ष पूरा करने के लिए बधाई देते हुए कहा कि ‘सेवा परमो धर्म’ पुस्तक से सभी को निस्वार्थ सेवा करने की प्रेरणा मिलेगी। इस अवसर पर कई समाजसेवियों को सम्मानित भी किया गया।

केंद्रीय राज्य मंत्री डा जितेंद्र सिंह जी ने भी संत ईश्वर सम्मान को 10 वर्ष पूरा करने पर साधुवाद देते हुए कहा कि संत ईश्वर फाउंडेशन अनूठा कार्य कर रहा है जिससे हमारा समाज उन लोगों से परिचित हो रहा है, जो निस्वार्थ भाव से और बिना किसी विज्ञापन-प्रचार के समाज को जोड़ने और ऊपर उठाने का काम करते हैं।

संत ईश्वर फाउंडेशन एवं राष्ट्रीय सेवा भारती के सहयोग से दिल्ली के विज्ञान भवन में पूजनीय. स्वामी अवधेशानंद गिरि जी, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जितेंद्र सिंह जी एवं श्रीमती मीनाक्षी लेखी जी की उपस्थिति में संत ईश्वर सम्मान समारोह का आयोजन हुआ।

संत ईश्वर की महासचिव सुश्री वृंदा ने संत ईश्वर सम्मान के बारे में कहा कि संत ईश्वर फाउंडेशन की स्थापना 10 वर्ष पूर्व आज के ही दिन हुई थी और सात वर्ष पूर्व पहली बार संत ईश्वर सम्मान देना प्रारंभ किया गया था।

- Sponsored -

उन्होंने बताया कि यह सम्मान व्यक्तिगत एवं संस्थागत रूप में मुख्यतः चार क्षेत्र- जनजातीय, ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास और विशेष योगदान (कला, साहित्य, पर्यावरण,स्वास्थ्य और शिक्षा) में दिया जाता है। आर्ट ऑफ़ लिविंग बैंगलोर के भानुमति नरसिम्हन को संत ईश्वर विशेष सेवा सम्मान मिला वही जनजातीय क्षेत्र में मिजोरम से पुईथीयाम रोरेलियना (विशिष्ट सेवा सम्मान), कर्नाटक से कौशल्या रविंद्र हेगड़े, सिक्किम से सोनम डुंडेन लेपचा, मध्य प्रदेश से मेवालाल पाटीदार को संत ईश्वर सेवा सम्मान प्राप्त हुआ।

संत ईश्वर फाउंडेशन के अध्यक्ष कपिल खन्ना जी ने मंचस्थ पूज्य स्वामी अवधेशानंद और अन्य विभूतियों के साथ ‘सेवा परमो धर्म’ पुस्तक का विमोचन किया।

विशेष योगदान क्षेत्र में पंजाब के उमेन्द्र दत्त को (विशिष्ट सेवा सम्मान ), राजस्थान से डॉ तपेश माथुर, उत्तराखंड से सचिदानन्द भारती , अरुणाचल प्रदेश से बानबंद लोसु एवं राजस्थान से मेजर सुरेंद्र नारायण माथुर को वर्ष 2022 के संत ईश्वर सम्मान से सम्मानित किया गया। इस वर्ष देश में समाज कल्याण से जुड़े हुए 18 लोगों और संस्थाओ को सम्मानित किया गया।

- Sponsored -

ग्रामीण क्षेत्र में गुजरात के राम कुमार सिंह (विशिष्ट सेवा सम्मान ), गुजरात कच्छ के नीलकंठ गौ विज्ञानं केंद्र, तेलंगाना के पल्ले सृजन एवं उत्तर प्रदेश से खुशहाली फाउंडेशन को संत ईश्वर सेवा सम्मान प्रदान किया गया।

इस अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग की भानुमती नरसिम्हन को इस वर्ष संत ईश्वर विशेष सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्होंने कर्नाटक में 30 बच्चों के साथ यह संस्था की शुरुआत की और महिला शिक्षा, कैदी पुनर्वास, गरीबी उन्मूलन, महिला स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्रों में कार्य करते हुए आठ हजार से अधिक महिलाओं को व्यवसायिक प्रशिक्षण एवं देशभर में एक लाख 70 हजार से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया।

गुजरात में नीलकंठ गौ विज्ञान केंद्र के श्री मेघजी हिरानी ने गोबर आधारित 80 से ज्यादा उत्पादों में 25 हजार से ज्यादा गोबर के गणपति और इस वर्ष 10 लाख गोबर के दिए बनवाए। इससे गांव में रहने वाले निवासियों को आर्थिक लाभ हुआ।

खुशहाली संस्था का उद्देश्य वंचित समाज के बच्चों की शिक्षा और उनकी शारीरिक पुष्टता तथा पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देना है।

महिला एवं बाल विकास क्षेत्र से गुजरात के श्री गुरूजी ज्ञान मंदिर को (विशिष्ट सेवा सम्मान) जम्मू से मुक्ति संस्था, महाराष्ट्र से सावित्री बाई फुले महिला एकात्म मंडल, बिहार से वन्दे मातरम युवा मिशन को सम्मानित किया गया ।

वंदे मातरम युवा मिशन बिहार के गया में शिक्षा का अलख जगाने का कार्य कर रहा है। 1500 से अधिक झुग्गी झोंपड़ियों के वंचित बच्चों को निशुल्क शिक्षा दे रही हैं।

आजादी का अमृत महोत्सव के अवसर पर इतिहास में पहली बार विज्ञान भवन में उपस्थित अतिथियों ने एकसाथ खड़े होकर तिरंगा की आकृति बनायी और वंदे मातरम गाकर इस समारोह को एक अविस्मरणीय बना दिया।

इस अनूठे सम्मान समारोह में विज्ञान भवन में लोगों की भीड़ जमा थी। संत ईश्वर फाउंडेशन और राष्ट्रीय सेवा भारती के लगभग पांच सौ कार्यकर्ता व्यवस्था में शामिल थे।

Looks like you have blocked notifications!

- Sponsored -

- Sponsored -

Comments are closed.