Live 7 TV
सनसनी नहीं, सटीक खबर

जमीन माफियाओं की मिलीभगत से मारवाड़ी धर्मशाला को कब्जाने की हो रही कोशिश: संदीप पोद्दार 

- Sponsored -

लोहरदगाः मारवाड़ी धर्मशाला लोहरदगा, पंजीकृत झारखण्ड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड  झारखण्ड के सह सचिव संदीप पोद्दार ने प्रेस बयान जारी की है। बयान में उन्होंने कहा है कि मारवाड़ी धर्मशाला लोहरदगा अब झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड से पंजीकृत हो गई है और धर्मशाला सरकार के अधीन हो गई है। धार्मिक न्यास बोर्ड द्वारा इसके संचालन हेतु 1 दिन का बुकिंग मात्र 3100 रुपए तय किया गया है। मगर कुछ जमीन माफियाओं की मिलीभगत से धन बल के जोर पर उक्त सार्वजनिक धर्मशाला को निजी संपत्ति बनाने के उद्देश्य से जबरन धर्मशाला में तोड़फोड़ कर कब्जा कर लिया गया है। इस नाजायज कब्जे को हटा कर धर्मशाला का  संचालन हिंदू समाज से जुड़े जय श्रीराम समिति लोहरदगा और मारवाड़ी समाज के संयुक्त तत्वावधान में इसे आगामी वित्तीय वर्ष 2022-23 हेतु अप्रैल माह से चलाने का विचार आकार बोर्ड की मीटिंग में पारित किया गया है। उन्होंने कहा कि जानकारी मिल रही है कि बोर्ड के बनने के उपरांत भी कब्जाधारी लोग धर्मशाला की बुकिंग अप्रैल मई जून, 22 के लग्न की बुकिंग  भारी भरकम राशि लेकर आम लोगों को दुविधा में डालकर धर्मशाला की बुकिंग लेने का प्रयास कर रहे हैं। जिसे रोकना आवश्यक है। क्योंकि धर्मशाला अभी झारखण्ड राज्य हिन्दू धार्मिक न्यास बोर्ड के अधीन है।और संचालन को लेकर भारी विवाद है। इस निमित बोर्ड की बैठक में जय श्रीराम समिति के संरक्षक और पूर्व विधायक रमेश उरांव जी के नेतृत्व में लोहरदगा के सांसद सुदर्शन भगत जी को मांग पत्र भी सौपा गया है। मांग पत्र सौपने वालों में हनुमान प्रसाद राजगढ़िया, अशोक घोष, प्रमोद कुमार पोद्दार, पवन कुमार राजगढ़िया, किशोर कुमार बंका, राम प्रकाश मोदी, संदीप पोद्दार शमिल थे। सरकार से मांग की गई है कि गैर कानूनी तरीके से चल रहे धर्मशाला जिसका नगर परिषद लोहरदगा में होल्डिंग और ट्रेड लाइसेंस मारवाड़ी धर्मशाला लोहरदगा के नाम है। बिना होल्डिंग, ट्रेड लाइसेंस के अवैध संचालन पर जल्द से जल्द रोक लगा कर मारवाड़ी धर्मशाला को न्यास बोर्ड को सौप कर इसका संचालन बोर्ड द्वारा  गठित संचालन कर्ता के नेतृत्व में धर्मशाला का नियम पूर्वक संचालन हो।
Looks like you have blocked notifications!

- Sponsored -

- Sponsored -

Comments are closed.