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बंगाल हिंसा पर उच्च न्यायालय का फैसला राजद-कांग्रेस का मुखौटा नोचने वाला : सुशील

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पटना : बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव में बड़े पैमाने पर ंिहसा, बलात्कार और आगजनी की हुई घटनाओं की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और विशेष जांच दल (एसआइटी) से कराने के कोलकाता उच्च न्यायालय के फैसले को ममता सरकार के लिए करारा झटका बताया और कहा कि इस फैसले से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस जैसे दलों का मुखौटा भी उतर गया है ।
श्री मोदी ने गुरुवार को सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर ट्वीट कर कहा कि पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव में बड़े पैमाने पर हुई ंिहसा, बलात्कार और आगजनी की घटनाओं की जांच सीबीआई और एसआइटी से कराने का कोलकाता हाईकोर्ट का फैसला राज्य की निरंकुश ममता सरकार को करारा झटका है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं में भाजपा के 14 कार्यकर्ता मारे गए थे और दर्जनों महिलाओं से बलात्कार हुए थे।
भाजपा सांसद ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जो हुआ, वह बिहार में लालू राज के दौरान हुई चुनावी ंिहसा की दुखद घटनाओं की याद कराने वाला था। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद ंिहसा की 541 घटनाओं की रिपोर्ट राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने हाईकोर्ट को सौंपी थी, जबकि राज्य मानवाधिकार आयोग ने ऐसा एक भी केस दर्ज नहीं किया था।
श्री मोदी ने कहा कि संविधान की शपथ लेकर मुख्यमंत्री बनने वाली ममता बनर्जी के इशारे पर कानून और संविधान की धज्जियाँ उड़ायी गईं । उन्होंने कहा कि राज्य के 80 हजार से ज्यादा लोगों को जान बचाने के लिए असम में शरण लेनी पड़ी।
भाजपा सांसद ने कहा कि जिस ममता राज में ंिहसा-बलात्कार की व्यापक घटनाओं से मानवाधिकार का हनन हुआ और टीएमसी को वोट न देने वालों पर हमला कर लोकतंत्र को लहूलुहान किया गया, उसे श्री लालू प्रसाद की पार्टी ने बिना शर्त समर्थन दिया था। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट का फैसला राजद, कांग्रेस जैसे दलों से मुखौटा नोचने वाला है।

 

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