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झारखंड विधानसभा बजट सत्र: 27 प्रतिशत आरक्षण को लेकर सदन गरम

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रांची : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में ओबीसी यानी पिछड़े वर्गों को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का मुद्दा गरमाया हुआ है। इस मांग को लेकर पक्ष-विपक्ष दोनों ही एकमत हैं। भाजपा के विधायक जहां सदन के बाहर और सदन के अंदर दोनों जगह धरना-प्रदर्शन रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष के विधायक भी सदन के बाहर धरना देकर ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिये जाने की वकालत कर रहे हैं। भाजपा विधायक सदन के अंदर कभी वेल में घुसकर तो कभी अपनी सीट पर खड़े हो कर प्रदर्शन कर रहे हैं। पोस्टरबाजी और नारेबाजी कर रहे हैं। शुक्रवार को भी यह सिलसिला जारी रहा। सदन की कार्रवाही 11.09 बजे शुरू होते ही भाजपा के विधायकों ने पहले पोस्टर लेकर अपनी सीट पर खड़े होकर ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने और पंचायत सचिवों की नियुक्ति की मांग को लेकर शोर मचाने लगे। थोड़ी देर बाद ही वेल के अंदर आ गये। स्पीकर के सामने जमकर नारेबाजी की। इस पर स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने कहा, सभी मुद्दों पर बहस करने के लिए आज चार घंटे का समय है। इसलिए विधायक अपनी बात रख सकते हैं। उन्होंने विरोध कर रहे विधायकों को समझाने का प्रयास किया। अपील की प्रश्नकाल चलने दें। इसके बाधित नहीं करें। इसी बीच स्पीकर ने प्रश्नकाल शुरू कर दिया। विनोद सिंह का अल्पसूचित प्रश्न आया, लेकिन सदन व्यवस्थित नहीं रहने की वजह से सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आ सका। भाजपा विधायक रणधीर सिंह ने रिपोर्टिंग टेबल पर रखे सभी माइक को बंद कर दिया। शोरगुल कम नहीं होता देखकर स्पीकर ने 11.13 बजे सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। दूसरी बार कार्यवाही 12.04 बजे शुरू हुई। भाजपा विधायक फिर वेल में आ गये। इसी दौरान स्पीकर ने शून्यकाल में विधायकों को अपने प्रश्न रखने को कहा। भाजपा विधायक वेल में नारेबाजी करते रहे। इसके बाद 12.16 बजे सदन का बहिष्कार कर बाहर निकल गये। सदन व्यवस्थित हो गया। स्पीकर ने ध्यानाकर्षण का एक सवाल लिया। शुक्रवार को जुम्मे की नमाज होने की वजह से सदन की कार्यवाही आधा घंटा पहले 12.30 बजे 02 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

 

 

आरक्षण की मांग पर सदन छोड़कर बाहर निकले भाजपा विधायक, बन्ना गुप्ता बोले; मिलेगा 27 फीसद कोटा
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही शुक्रवार को जैसे ही शुरू हुई। विपक्षी दल भाजपा के विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। विधायक आसन के पास आकर नारेबाजी करने लगे।भाजपा विधायक मांग कर रहे थे कि पिछड़े वर्गों का आरक्षण निर्धारित करने के बाद ही पंचायत चुनाव कराया जाएं। हंगामे के बीच प्रश्नकाल आरंभ किया गया। इसके बाद भी हंगामा कम नहीं हुआ। इसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोपहर 12 बजे दोबारा कार्यवाही प्रारंभ हुई।

इस दौरान विधायकों का प्रदर्शन जारी रहा। वह एक बार फिर आसन के पास पहुंच गए। विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो ने विधायकों को समझाने की पूरी कोशिश की लेकिन विधायक अपनी मांग पर कायम रहे। मांग पूरी नहीं होने पर विधायक सदन छोड़कर बाहर निकल गए।
सदन में इन्होंने उठाए मुद्दे
झारखंड विधानसभा सत्र के पांचवें दिन सदन में शून्यकाल के दौरान आजसू विधायक लंबोदर महतो ने पंचायत सचिव अभ्यर्थियों का मामला उठा। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों से पंचायत सचिव के अभ्यर्थी नियुक्ति के इंतजार में हैं। उन पर लाठीचार्ज हुआ है। यह अन्याय है। लाठीचार्ज करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों के ऊपर कार्रवाई होनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से राज्य में कई संवैधानिक आयोग और न्यायाधिकरण में अध्यक्ष और सदस्यों के रिक्त पदों पर नियुक्ति का मामला उठाया। सरकार की तरफ से यह जवाब दिया गया कि अभी यह मामला सरकार के पास विचाराधीन है।

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विधानसभा में माले विधायक बिनोद सिंह के अल्पसूचित प्रश्न के तहत बेरोजगारी भत्ता का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि सरकार ने स्नातक पास बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने की घोषणा पिछले बजट सत्र में की थी लेकिन अब तक यह नहीं मिला। श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने साफ कहा कि सरकार द्वारा बेरोजगारी भत्ता प्रदान करने के मापदंड को अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है।

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विधानसभा में महिला एवं बाल विकास मंत्री जोबा मांझी ने माले विधायक बिनोद सिंह के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में कहा कि कुपोषण झारखंड का बड़ा मुद्दा है। यह सिर्फ छह जिले का मामला नहीं है। अभी कार्यरत पोषण सखियों के 11 महीने के बकाया मानदेय के भुगतान के लिए अनुपूरक बजट में 38 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार पूरे राज्य का अध्ययन कर पोषण सखी मामले पर समेकित निर्णय लेगी।

भाजपा के धरने पर मंत्री ने दिया जवाब
इससे पहले राज्य में पिछड़े वर्ग के लोगों को 27 फीसद आरक्षण देने की मांग को लेकर विपक्षी दल भाजपा के विधायकों ने सदन के बाहर धरना दिया। नारेबाजी की। कार्यवाही में हिस्सा लेने विधानसभा पहुंचे झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि पिछड़ा वर्ग को 27फीसद आरक्षण दिलाया जाएगा। इसकी तैयारी चल रही है।भाजपा के लोग अभी सिर्फ सियासत कर रहे हैं। भाजपा के नेताओं ने ही पिछड़ों का आरक्षण 27 फीसद से घटाकर 14 फीसद किया था। उस दौरान राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली बाबूलाल मरांडी की सरकार थी। मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि वह पिछड़ों के 27 फीसद आरक्षण के पक्षधर हैं।

 

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