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इंडिया गठबंधन में सीट बंटवारे पर रार, कांग्रेस को घेरने की तैयारी !

इंडिया गठबंधन बैठक में सीट बंटवारे को लेकर कर सकती है चर्चा

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अखिलेश अखिल

 

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इंडिया गठबंधन की हालांकि आज भी बैठक होगी लेकिन यह बैठक अनौपचारिक होगी और इसमें घटक दलों के प्रमुख शयद ही शामिल होंगे। आज की ये बैठक कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के आवास पर होने जा रही है। कहा गया है कि हिंदी की बड़ी बैठक आगामी 17 दिसंबर को बड़े पैमाने पर होगी जिसमे सभी बड़े नेता शामिल होंगे और आगे की रणनीति पर गंभीर चर्चा करेंगे।

 

इंडिया गठबंधन बैठक में सीट बंटवारे को लेकर कर सकती है चर्चा

 

आज की इस अनौपचारिक बैठक में क्या कुछ होगा यह तो देखने की बात होगी लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अधिक दल अब सीटों के बटवारे पर कांग्रेस से बात करने को तैयार है। सीट बंटवारे को लेकर कई बार प्रयास किये गए लेकिन कांग्रेस हर बार इसे टालती ही रही। कांग्रेस पहले यह देखना चाहती थी कि उसकी राज्य इकाइयां इसके लिए तैयार हो जाए और कांग्रेस दूसरे इस कारण से भी सीट बंटवारे को टाल रही थी कि उसे यकीन था कि पांच राज्यों के चुनाव में उसे भारी जीत हासिल होगी। कांग्रेस को चुनाव से पहले भरोसा था की चार राज्यों में उसकी सरकार बन सकती है। उसके बाद ही कांग्रेस चुनाव परिणाम के मुताबिक ही सीटों का मोल भाव तय करती लेकिन कांग्रेस का यह खेल ख़त्म हो गया है।

 

कांग्रेस से बागी हुए नेताओं की चमकी राजनीति

 

पांच राज्यों में से तीन राज्यों में बीजेपी ने जीत हासिल की और अब सरकार बनाने की भी तैयारी की जा रही है। मिजोरम में भी कांग्रेस की बुरी तरह से हार हुई है। उसे केवल एक ही सीट मिल सकी। सबसे मजे की बात तो ये है कि मिजोरम में वही आदमी सीएम बनने जा रहा है जो कभी कांग्रेस में रह चुके हैं। यह भी कांग्रेस के लिए काम झटका नहीं है। लोग दबी जुबान में तो यहां तक कहने लगे हैं कि “जो लोग कांग्रेस से बाहर निकल कर राजनीति कर रहे हैं उनकी राजनीति जयदा चमकदार हो रही है” असम के मुख्यमंत्री हिमंत भी कभी कांग्रेसी थे लेकिन अब बीजेपी के सीएम हैं। मिजोरम के चुनाव में सीएम बनने वाले भी कभी कांग्रेस की राजनीति कर चुके हैं। उधर मध्यप्रदेश में सिंधिया भी सीएम की रेस में हैं।

 

स्थानीय पार्टियां अपने-अपने हिसाब से चाहती है सीटों का बंटवारा

 

इंडिया गठबंधन में सभी दलों की अपनी-अपनी कहानी है। इस गठबंधन में जितनी पार्टियां है, सबकी अपनी राजनीति है और सबकी जमीनी मजबूती भी है। कुछ पार्टियां सरकार चला रही है तो कुछ पार्टियां अपने प्रदेश में मुख्य विपक्ष की भूमिका में है। ये पार्टियां अपने -अपने प्रदेश में मुख्य क्षत्रप हैं। अब ये क्षत्रप चाहते हैं कि सीटों का बंटवारा हो जाए ताकि आगे की रणनीति पर काम किया जाए। अखिलेश यादव चाहते हैं कि यूपी में उनके इशारे पर ही इंडिया गठबंधन आगे बढे। अखिलेश की समझ यही है कि अधिक से अधिक सीटों पर वह खुद चुनाव लड़े और बाकी सीटों का बंटवारा भी उनके मुताबिक हो। कांग्रेस को सपा दर्जन भर सीट ही देना चाहती है।

 

उधर बंगाल की सीएम ममता बनर्जी भी कुछ ऐसा ही सोंच रही है। ममता इंडिया गठबंधन को आगे बढ़ाना तो चाहती है लेकिन वो भी यही चाहती है कि बंगाल में कांग्रेस कोई जिद्द न पाले। ममता बनर्जी पांच से आठ सीटें कांग्रेस को देना चाहती है। ममता यह भी चाहती है कि वाम दलों को वह कोई सीट ना दें।

 

बिहार में भी कई दल है। वहां तो महागठबंधन ही है। खबर के मुताबिक जदयू और राजद वहां अधिक से अधिक सीटों पर मैदान में उतरने की तैयारी में है। अभी जदयू के 16 सांसद है जबकि राजद के पास लोकसभा में एक भी सांसद नहीं है। जानकारी के मुताबिक राजद और जदयू 15 -15 सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार है और खबर तो यह भी है कि इन दोनों दलों ने भीतर से सीटों का बँटवार भी कर लिया है। बाकी की दस सीटों पर कांग्रेस और बाकी दल को निर्णय लेना है। ऐसे में यह भी कहा जा रहा है कि बिहार में राजद कांग्रेस को पांच से छह सीटों से ज्यादा देना नहीं चाहती। यही वजह है कि अब सभी क्षत्रप पहले सीटों का बंटवारा चाहते हैं फिर अगली बैठक की बात कर रहे हैं।

 

कांग्रेस की परेशानी कुछ दूसरी तरह की हो गई है। कांग्रेस अगर छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में जीत हासिल करती तो सम्भव है कि उसकी सीटों के लिए बार्गेनिंग पवार अधिक होती लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। उधर आप पार्टी भी अपना दावा करती दिख रही है। आप पार्टी के अनुसार उत्तर भारत की सबसे बड़ी पार्टी वही है, इसलिए उसे ज्यादा सीटें मिलनी चाहिए। महाराष्ट्र में उद्धव शिवसेना और शरद पवार की पार्टी एनसीपी भी ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। हलकी वहां की सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना ही रही है। इसके बाद बड़ी पार्टी कांग्रेस रही है लेकिन शिवसेना में टूट के बाद कांग्रेस ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। ऐसे में सीटों को लेकर बड़ा तनाव बना हुआ है।

 

नीति तैयार कर सीटों का होगा बंटवारा: कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे

 

आज की बैठक में क्या कुछ होता है। ये तो देखने वाली बात होगी लेकिन माना जा रहा है कि सीट शेयरिंग को लेकर कोई बड़ा बवाल नहीं होगा। खड़गे ने कहा है कि पहले नीति तैयार होगी और सीटों का बंटवारा होगा। जो जहाँ मजबूत है उसके मुताबिक उसे सीट मिलेगी।

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