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बिहार में दलित उत्पीड़न में बढ़ोतरी चिंता का विषय : जायसवाल

सहायता मांगने पर दोनों पक्षों पर मुकदमा समझ से परे
पटना: भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने प्रदेश में दलित उत्पीड़न में बढ़ोतरी पर चिंता जतायी है। उन्होंने कहा कि एक वर्ग विशेष द्वारा दलित उत्पीड़न के कई ऐसे मामले सामने आये हैं, जो चिंता का विषय है। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि दलित समुदाय द्वारा सहायता मांगने पर दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमा दायर कर पुलिस अपना पल्ला झाड़ ले रही है। दंगा के हालात जैसे कानून के तहत दोनों पक्षों को फंसाने का मामला समझ से परे है। श्री जायसवाल ने रामगढ़वा के धनगढ़वा गांव की घटना पर चिंता जतायी है। कहा कि धनगढ़वा गांव में अल्पसंख्यक समाज के लोगों ने र्इंट की दीवार खड़ी कर दलित समुदाय का रास्ता बंद कर दिया था। हालांकि पलनवा थाना प्रभारी और सीओ ने तत्परता से समस्या का समाधान कर लिया। भाजपा नेता ने कहा कि ढाका में अतिपिछड़ा व दलित समाज की बारात को न केवल निकलने पर दुर्व्यहार किया गया, बल्कि पुलिस से मदद मांगने पर दंगे के समय के सिद्धांत के तहत दोनों समाज के लोगों पर मुकदमा एवं गिरफ्तारी का आदेश दिया गया। कहा कि इस तरह की छह से ज्यादा घटनाएं ढाका में हुई हैं। किशनगंज और पूर्णिया जिले में भी दलित अत्याचार की घटनाओं में इजाफे पर चिंता जतायी।भाजपा नेता ने साथ ही यह भी कहा कि वायसी में दलित अत्याचार की घटना पर सरकार ने तत्परता से संज्ञान लेते हुए दलितों को इंसाफ दिलाया है। कहा कि दलित अत्याचार की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासनिक चौकसी की आवश्यकता है। भाजपा नेता ने इससे आगे कहा कि चुनाव बाद पश्चिम बंगाल में भी जिस तरह दलितों पर अत्याचार हुआ है वैसा केवल 1947 के बाद पाकिस्तान के तत्कालीन दलित कानून मंत्री योगेंद्र नाथ मंडल के कहने पर जो दलित मौजूदा बांग्लादेश में रह गये थे उन पर ही देखने को मिला था।

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