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सनसनी नहीं, सटीक खबर

खेत में उतरीं डीसी विजया जाधव, महिला किसानों संग मिलकर की धनरोपनी

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लोगों को खूब भाया डीसी मैडम का निराला अंदाज
डीसी विजया जाधव ने बच्चों के साथ जमीन पर कतार में बैठक खाना भी खाया
जमशेदपुर : आईएएस आॅफिसर बनना हर किसी का सपना होता है ,मगर आईएएस आॅफिसर, डीसी बनकर कर शहरी चकाचौंध, ऐसो आराम, सुख सुविधा, सिर्फ विकास योजनाओं तक ही सिमटे रहना आईएएस अधिकारी नहीं होता, आईएएस खासकर महिला आईएएस अधिकारी के मन में आम लोगों, गरीबों ,किसानों, मजदूर के लिए अच्छी भावना और सोच होनी चाहिए। जमशेदपुर की डीसी विजय जाधव निकलती है तो वहां की महिलाओं वृद्ध की समस्याओं को सुनते समझती है कभी गोद में लेकर बच्चों को पूचकारती करती हैं ममता दिखाती है , तो कभी कड़क आईएएस पदाधिकारी बनकर सरकार की विकास ,कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर नहीं उतारने, लूट, घोटाले अनियमितता, कार्य में लापरवाही बरसने वालो सरकारी कर्मियों, दोषियों, अतिक्रमण करने वालों को सख्त और कडी कार्रवाई करती है। पूर्वी सिंहभूम के गुड़ाबांधा प्रखंड की महिला किसानों को तब खुशी का ठिकाना नहीं रहा, जब जिले की उपायुक्त विजया जाधव उनका हौसला बढ़ाने के लिए खुद खेत में उतर गयीं। दरअसल, जिला उपायुक्त गुड़ाबांदा प्रखंड के क्षेत्र के दौरे पर थीं। उसी दौरान उनकी नजर धनरोपनी करती महिलाओं पर पड़ी। फिर क्या था गाड़ी से उतरकर सीधे खेत में पहुंची और किसानों का हाथ बंटाते हुए धान का बिचड़ा लेकर रोपनी करने लगी। इतना ही नहीं, उन्होंने महिला किसानों के साथ पारंपरिक गीत भी गाये। उनकी इस कार्यशैली की खेतों में काम कर रही किसानों में जमकर सराहना की। उनका कहना था कि इससे पहले खेती को बढ़ावा देने को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की सिर्फ बातें ही सुन रखी थी, लेकिन इस तरह जिले के किसी सर्वोच्च अधिकारी का उनके बीच खुद आकर काम में हाथ बंटाते हुए हौसला आफजाई करना वास्तव में बेहद सुखद अनुभव रहा। दूसरी ओर, उपायुक्त ने किसानों को देश का अन्नदाता करार देते हुए नमन किया और कहा कि उनके अथक अथक परिश्रम से हमें अन्न प्राप्त होता है।
वैसे यह पहला मौका नहीं है जब उपायुक्त विजया जाधव की कार्यशैली को जमकर सराहना मिली है। जिले की उपायुक्त में योगदान देने के तुरंत बाद वह परसुडीह पहुंची थीं, जहां सरकारी स्कूल में बच्चियों को पढ़ाकर उन्होंने खूब सुर्खियों बटोरी थी। उन्होंने किताबी ज्ञान के साथ व्यवहारिक ज्ञान का स्कूली बच्चियों को पठाया था। इसके अलावा सबर बच्चे को गोद में लेकर दुलारते-पुचकारते भी देखी गई थी। इससे जैसे वह क्षेत्र के ग्रामीणों के दिल में बस गई थी। इतना ही नहीं, उपायुक्त ने घाटशिला प्रखंड के बनकाटी और माहुलिया पंचायत के स्कूलों का पिछले दिनों निरीक्षण किया था। उस दौरान उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों की समझ के स्तर जांच तो की ही थी, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की जांच करते हुए उपायुक्त ने बच्चों के साथ जमीन पर कतार में बैठक खाना भी खाया था। उनका यह अंदाज भी क्षेत्र के लोगों के साथ पूरे जिलेवासियों को खूब भाया था। निरीक्षण के बाद उन्होंने मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता में सुधार के साथ बच्चों के पढ़ने-लिखने और समझने की क्षमता के लिए अतिरिक्त प्रयास करने के निर्देश दिए थे।

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