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भारत में होगा एके-203 राइफल्स का निर्माण, रूस के साथ हुआ बड़ा करार

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नई दिल्ली: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज भारत दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच शिखर वार्ता होगी। दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार और तकनीक के अहम क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने को लेकर कई समझौते होंगे। पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच शाम साढ़े पांच बजे शिखर वार्ता शुरू होगी। इसके बाद पुतिन रात साढ़े नौ बजे दिल्ली से वापस उड़ान भरेंगे।

एस जयशंकर ने कहा कि भारत-रूस की बैठक आज बहुध्रुवीयता और पुनसंर्तुलन के उद्भव को संबोधित करेगी। हम अति-केंद्रीकृत वैश्वीकरण के परिणाम को देखते हैं। आतंकवाद की लंबे समय से चली आ रही चुनौतियां, हिंसक उग्रवाद नई चुनौतियों में से एक है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि हाल के दिनों में भारत-रूस संबंधों में अभूतपूर्व तरीके से प्रगति हुई है। मैं आशा करता हूं कि ऐसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में रूस हमेशा भारत का प्रमुख सहयोगी बना रहेगा।

रूस के रक्षा मंत्री सर्गी शोइगु ने का कि हमारे देशों के संबंध के लिए इस समय सैन्य और तकनीकी क्षेत्र में भारत-रूस का सहयोग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। आज अंतर सरकारी आयोग की बैठक में रक्षा क्षेत्र सहयोग के बारे में रक्षा मंत्री के साथ हमारी विस्तृत चर्चा हुई। रूसी रक्षा मंत्री ने कहा कि इस समय में रक्षा सहयोग रूस और भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

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मुझे विश्वास है कि दोनों देश क्षेत्रीय सुरक्षा को आगे बढ़ाएंगे। दोनों देशों के बीच राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से 6,01,427 असाल्ट राइफल्स अङ-203 की खरीद के लिए करार किया गया है। यह अनुबंध 2021-2031 से सैन्य-तकनीकी सहयोग कार्यक्रम के तहत किया गया है।

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भारत और रूस के बीच रक्षा समझौतों को लेकर हस्ताक्षर किए गए। जनरल सर्गी शोइगु और राजनाथ सिंह के बीच हुई बैठक के दौरान इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंहने कहा कि रक्षा सहयोग भारत-रूस के बीच साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। मुझे उम्मीद है कि यह साझेदारी सभी जगह शांति लेकर आएगी और एक स्थिरता प्रदान करेगी।

भारत और रूस के संबंध बहुपक्षवाद, वैश्विक शांति, समृद्धि और आपसी समझ और विश्वास में एक सामान्य हित के आधार पर समय-समय परीक्षण किए गए हैं: रूसी रक्षा मंत्री जनरल सर्गी शोइगु

रूसी विदेश मंत्री सर्गी लेवरोव ने कहा कि रूस-भारत संबंधों की प्रकृति के बारे में आपने जो कहा उसकी मैं फिर से पुष्टि करना चाहता हूं। हम आज टू प्लस टू की बैठक का इंतजार कर रहे हैं। इस दौरान हस्ताक्षर के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेजों का मसौदा तैयार किया गया है।
विदेश मंत्री डा. एस जयशंकर ने कहा कि हमारे लिए वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन एक अनूठा आयोजन है।

पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच विश्वास का रिश्ता है। हम शिखर सम्मेलन से कुछ बहुत महत्वपूर्ण परिणामों की आशा कर रहे हैं।ने कहा कि भारत और रूस के बीच साझेदारी खास और अनोखी है। मुझे विश्वास है कि आज की हमारी चर्चा बहुत फलदायी होगी। वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन आज दो साल के अंतराल के बाद हो रहा है।

भारत और रूस के बीच पहली टू प्‍लस टू वार्ता होनी है, जिसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके रूसी समकक्ष सर्गी लेवरोव शामिल होंगे। लेवरोव रविवार को ही दिल्ली पहुंच चुके हैं। आज सुबह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने रूसी समकक्ष जनरल सर्गेई शोइगु का सुषमा स्वराज भवन में स्वागत किया। बता दें कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत के दौरे पर आ रहे हैं। व्लादिमीर पुतिन के इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच दस समझौतों पर अंतिम मुहर लगनी है।

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