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….अगर शराब पीना है तो बिहार मत आइए : नीतीश

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सासाराम : ‘समाज सुधार के बिना विकास संभव नहीं’ का मंत्र जन-जन तक पहुंचाने के लिए अभियान पर निकले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज दो टूक शब्दों में कहा कि वैसे किसी व्यक्ति को राज्य में आने की इजाजत नहीं दी जाएगी जो शराब पीने की इच्छा रखते हैं, अगर शराब पीना है तो बिहार मत आइए। श्री कुमार ने सोमवार को यहां न्यू स्टेडियम फजलगंज में बिहार में पूर्ण नशामुक्ति, दहेज प्रथा एवं बाल विवाह उन्मूलन के लिए समाज सुधार अभियान का उद्घाटन करने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘बहुत लोग कहते हैं कि शराबबंदी के कारण पर्यटक बिहार नहीं आएंगे।

गड़बड़ करने वाले लोग अनाप-शनाप बयान देते रहते हैं। हमलोग वैसे किसी आदमी को बिहार आने की इजाजत नहीं देंगे जो शराब पीने की इच्छा रखते हैं। अगर शराब पीना है तो बिहार मत आईये।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में पर्यटकों की संख्या में थोड़ी कमी आयी लेकिन शराबबंदी के बाद दो करोड़ से ज्यादा पर्यटक बिहार आए हैं। उन्होंने कहा कि बापू की बातों को सभी को मानना चाहिए। उनके संदेश को हर जगह प्रचारित करवाया जा रहा है। बापू ने कहा था कि शराब न सिर्फ आदमी का पैसा बल्कि बुद्धि भी खत्म कर देती है। शराब पीने वाला इंसान हैवान हो जाता है।

अगर एक घंटे के लिए भी मुझे देश का तानाशाह बना दिया जाय तो मैं सभी शराब की दुकानें बंद करवा दूंगा। श्री कुमार ने कहा, ‘‘समाज में कुछ लोग गड़बड़ी करने वाले होते हैं चाहे वे किसी भी धर्म के मानने वाले लोग हों। कितना भी अच्छा काम कीजिएगा कुछ लोग तो गड़बड़ी करेंगे ही लेकिन हमलोगों को अभियान चलाते रहना है। हमने रिपोर्ट मांगी है कि कितने लोगों पर कार्रवाई हुई है। चार जिलों का यहां पर हम अभियान चला रहे हैं, यह तो बॉर्डर इलाका है। शराबबंदी को लेकर मुझे कई राज्यों में बुलाया गया। इस इलाके में जागृति बहुत है। कोई गड़बड़ न करे इस पर ध्यान बनाए रखने की जरूरत है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि आप दारू पीते हैं तो बापू के खिलाफ हैं। दारू पीनेवाले कुछ लोग खुद को ज्यादा काबिल मानते हैं लेकिन वो काबिल नहीं हैं। कितने भी पढ़े-लिखे हैं और यदि वे दारु पीते हैं तो हम उनको काबिल नहीं मानते हैं। ऐसे लोग राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों के विरोधी हैं। समाज हित के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी पब्लिसिटी से कोई मतलब नहीं है।

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कुछ लोग पब्लिसिटी पाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हैं। यदि पत्रकार मित्र कभी-कभी कागज पर, ट्वीटर पर भी लिखेंगे तो इसका बहुत बड़ा समाज में असर पड़ेगा। आपस में प्रेम, भाईचारे का भाव रहना चाहिए तभी समाज आगे बढ़ेगा। तरह-तरह की बातें होती रहती हैं इसलिए आपसी एकजुटता रखिए हमलोग आगे बढ़ेंगे और समाज भी आगे बढ़ेगा।

श्री कुमार ने कहा कि दहेज लेना कानूनी रूप से अपराध है। बाल विवाह करने से तरह-तरह की परेशानी होती है, बेटियों की ंिजदगी बर्बाद हो जाती है। बेटियों का मानसिक एवं शारीरिक रूप से विकास नहीं हो पाता है तथा तरह- तरह की बीमारियों से ग्रसित हो जाती हैं इसलिए ससमय शादी करना ही बेहतर है। किसी भी स्तर पर किसी को बाल विवाह मत करने दीजिए। बाल-विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ भी लगातार अभियान चलाते रहिए। बाल विवाह बहुत बड़ा शोषण है। बाल विवाह और दहेज प्रथा को लेकर लोगों को जागरूक कीजिए। राज्य में 02 अक्टूबर 2017 को दहेज प्रथा उन्मूलन अभियान शुरु किया गया था।
शिवा

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