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Ghosi By Election 2023: समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी सुधाकर सिंह की भाजपा प्रत्याशी दारा सिंह चौहान के खिलाफ एकतरफा जीत

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गोरखपुर, उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी सुधाकर सिंह ने घोसी विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी दारा सिंह चौहान के खिलाफ एकतरफा जीत हासिल की है।

सुधाकर सिंह की बड़ी जीत

सुधाकर सिंह को 42,759 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की है, जिसमें उन्हें 1.24 लाख 427 वोट मिले हैं। उनको 57.19% वोटरों ने अपना मत दिया।

चौहान की हार

भाजपा प्रत्याशी दारा सिंह चौहान को 37.54% वोटरों ने पसंद किया, और उन्हें 81,668 वोट मिले। वह सपा प्रत्याशी को मिले कुल मत से 19.65% वोटों से पीछे रह गए।

चुनाव आयोग की रणनीति

चुनाव आयोग द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़े बता रहे हैं कि भाजपा ने बूथ प्रबंधन की जो रणनीति बनाई थी वह भी बेअसर साबित हुई है। भाजपा घोसी के कुल 455 में से 327 बूथों पर हारी है, जबकि 128 बूथों पर आगे रही है।

बूथों का महत्व

चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार घोसी उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी दारा सिंह चौहान को कुल 455 मतदान केंद्रों में 128 बूथ पर आगे रही है, जबकि उनकी जीत बाकी बूथों पर हार हुई है। इसमें विशेष रूप से मुस्लिम मतदाताओं के बीच उनकी प्रथमता का महत्वपूर्ण रोल रहा है।

सपा की उम्मीद

सपा नेता एवं पूर्व एमएलसी उदयवीर सिंह ने इस जीत को महत्वपूर्ण घोषणा की और बताया कि घोसी उपचुनाव ने इंडिया गठबंधन की एकता के लिए एक परीक्षा का द्योतक बनाया। उनका कहना है कि यह उपचुनाव दिखाता है कि इंडिया गठबंधन आगामी लोकसभा चुनाव में केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा को हरा सकता है।

इसके अलावा, उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ भी बड़े आरोप लगाए हैं, कहते हुए कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल भाजपा के लाभ के लिए हो रहा है।

I.N.D. I. A . गठन के बाद पहला चुनाव

यह उपचुनाव I.N.D. I. A . के गठन के बाद पहला चुनाव है, जो भाजपा के खिलाफ आया है, और यह एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है आगामी लोकसभा चुनाव के लिए।

दारा सिंह के प्रति आक्रोश का सुधाकर को मिलेगा फायदा

घोसी उपचुनाव में हुए उलटफेर के दूरगामी परिणाम हैं। मतदाताओं ने अपना निर्णय सुनाकर सभी दलों को बता दिया कि वह स्थानीय को प्राथमिकता देगी।

सामाजिक बदलाव

इस बार के चुनाव में वोटरों के बीच सामाजिक बदलाव का सबूत है, जिसमें स्थानीय-बनाम बाहरी नारे का महत्वपूर्ण योगदान है।

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