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तेलंगाना में चार दिवसीय समाक्का-सरक्का जात्रा 16 फरवरी से

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हैदराबाद: तेलंगाना के मुलुगु जिले के मेदराम गांव में 16 फरवरी से देश के सबसे बड़े आदिवासी मेले के रूप में शुरू होने जा रही चार दिवसीय समाक्का सरक्का जात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर लीं हैं। तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एम महेंद्र रेड्डी ने रविववार को बताया कि मेदराम जात्रा में आए श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए पुलिस ने पूरे इंतजाम किये हैं। राज्य के पुलिस अधिकारियों ने जिला पुलिस के साथ मेले की व्यवस्था के संबंध में कई बैठकें की हैं जिसमें ट्रैफिक डायवर्जन, पार्किंग, अपराध की रोकथाम और वीवीआईपी यात्राओं के लिए सुरक्षा प्रदान जैसे अहम फैसले लिए गए। पुलिस विभाग ने जात्रा ड्यटी के लिए कई जिलों के नौ हजार पुलिस कर्मियों को तैनात किया है। पुलिस को आदिवासी देवताओं सम्मक्का और सरलम्मा की पूजा में करीब 1.25 करोड़ श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि निजी वाहन 3.5 लाख और आरटीसी बसें चार लाख पहुंचेंगी जिससे पुलिस के सामने वाहनों के आवागमन और पार्किंग की व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखना बड़ी चुनौती है।
डीजीपी ने कहा कि जात्रा की यात्रा पर चौबीस घंटे की सुरक्षा की निगरानी के लिए 382 सीसीटीवी कैमरे, दो ड्रोन कैमरा, 20 डिस्प्ले बोर्ड और कमान नियंत्रण केन्द्र स्थापित किए गए। उन्होंने कहा कि पसरा मार्ग पर हर दो किलोमीटर की दूरी पर एक पुलिस चौकी स्थापित की गई और साथ ही पुलिस मेले के समापन तक निगरानी बनाए रखेंगे। डीजीपी ने बताया कि इस दौरान जाम से बचने के लिए छह टोइंग वाहन, 11 क्रेन और 20 जेसीबी की व्यवस्था रखी गई। डीजीपी ने कहा कि श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन के लिए कुल 50 जन सूचना केंद्रों को व्यवस्था की गई है। जिला पुलिस अधीक्षक एसएसजी पाटिल ने वाहन चालकों से ओवरटेक नहीं करने और सुरक्षित यात्रा के लिए वाहनों के पीछे रेडियम स्टिकर लगाने की अपील की। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि आदिवासी में तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन जरूर करें।

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