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पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने विधान परिषद चुनाव में दो सीट की मांग कर बढ़ाई राजनीतिक सरगर्मी

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पटना 12 जनवरी (वार्ता) बिहार में विधान परिषद के स्थानीय निकाय कोटे से चौबीस सीटों पर होने वाले चुनाव में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) ने सीटों की मांग कर एक बार फिर से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है।
हम के राष्ट्रीय प्रवक्ता दानिश रिजवान ने यहां बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी विधान परिषद के स्थानीय निकाय कोटे से होने वाले चुनाव में दो सीटों पर अपना उम्मीदवार उतारगी। राजग के भीतर हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने एक बार फिर से बड़ी मांग कर दी है।
चार विधायकों वाली श्री मांझी की पार्टी ‘हम’ ने 24 में दो सीटों की नई मांग रखी है। पिछले विधानसभा चुनाव में सीटों को तालमेल के तहत श्री मांझी की पार्टी को भले ही 243 में महज सात सीटें मिली हो लेकिन विधान परिषद की 24 में दो सीट चाहिए। हालांकि इसके पहले भी श्री मांझी ने राज्यपाल कोटे से विधान परिषद के लिए मनोनयन वाली 12 सीटों पर अपनी पार्टी की मांग रखी थी। लेकिन, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने उसे सिरे से खारिज कर दिया था।
एक बार फिर से श्री मांझी ने नया दांव खेला है और 24 सीटों में से दो पर अपनी दावेदारी पेश की है। हालांकि इनकी दावेदारी पर भाजपा और जदयू कितना विचार करेगी पूर्व के वाकयों से ही साफ हो रहा है। बुधवार को हम के प्रमुख जीतन राम मांझी की तरफ से नई शर्त रखी गई है।
श्री मांझी की पार्टी हम को समस्तीपुर और गया से विधान परिषद की स्थानीय निकाय कोटे से उम्मीदवारी चाहिए। इसके लिए तर्क दिया गया है कि राजग में सभी घटक दलों को सम्मानजनक तरीके से हक मिलना चाहिए। हम ने इसलिए मात्र दो सीटों की मांग की है।
वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव से पहले हम ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले जदयू से समझौता किया था। समझौते के तहत जदयू ने अपने कोटे से विधानसभा की सात सीटें हम को दी थी। इन सात सीटों में चार पर हम के उम्मीदवार विजयी हुए थे।
मार्च 2021 में विधान परिषद की 12 सीटों में श्री मांझी ने एक सीट की मांग की थी लेकिन उनकी इस मांग को भी खारिज कर दिया गया। बिहार विधान परिषद में 12 सदस्यों के मनोनयन पर हम ने नाराजगी का इजहार करते हुए इंसाफ की मांग की थी। श्री मांझी ने कहा था कि गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया गया।

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