Live 7 Bharat
जनता की आवाज

राजस्थान में पहली बार के युवा मतदाता पलट सकते हैं चुनावी खेल 

राजस्थान में नए युवा मतदातों ने जिस तरह से मतदान किया है उससे बीजेपी और कांग्रेस की परेशानी बढ़ गई है

- Sponsored -

 

न्यूज़ डेस्क

रविवार सुबह से हालांकि  पांच राज्यों के चुनावी परिणाम सामने आने लगेंगे लेखों राजस्थान से युवा मतदाताओं से जुड़े जो आंकड़े आ रहे हैं उससे साफ़ लगता है कि अगर युवाओं ने सही जगह पर मतदान किया होगा तो खेल बदल सकते हैं। कांग्रेस और बीजेपी की लड़ाई में युवा मतदाताओं का मतदान जिस भी तरफ जायेगा परिणाम उसी पार्टी के पक्ष में जा सकता है। जानकार भी मान रहे हैं कि राजस्थान में नए युवा मतदातों ने जिस तरह से मतदान किया है उससे बीजेपी और कांग्रेस की परेशानी बढ़ गई है। अभी कोई भी दाल यह कहने की स्थिति में नहीं है कि राजस्थान के युवाओं ने किसे अपना मत दिया है।

- Sponsored -

राजस्थान में गत 25 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव में 18-19 वर्ष आयु के सर्वाधिक 75.34 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग कर मतदान करने में अव्वल रहे।निर्वाचन विभाग के प्राप्त आंकड़ों के अनुसार इस चुनाव में 20 से 25 वर्ष के मतदाताओं में से 69़.58 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया जबकि 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग मतदाताओं में 68़.75 प्रतिशत मतदाता अपने मत का प्रयोग किया।

- Sponsored -

18-19 वर्ष की आयु के 22 लाख 61 हजार आठ मतदाताओं में से 17 लाख तीन हजार 386 मतदाताओं ने वोट डाले। इसी तरह 20 से 25 वर्ष की आयु के 75 लाख 44 हजार 172 मतदाताओं में 52 लाख 49 हजार 464 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया जबकि 80 वर्ष से अधिक आयु के 11 लाख 67 हजार 474 मतदाताओं में से आइ लाख दो हजार 643 मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया।

प्रतापगढ़ जिले में सर्वाधिक 93़.81 प्रतिशत 18-19 वर्ष की उम्र के मतदाताओं ने मतदान किया जबकि 64़.19 प्रतिशत सबसे कम पाली जिले में इस उम्र के मतदाताओं ने अपने वोट डाले। इसी तरह 20 से 25 वर्ष की आयु के मतदाताओं में सर्वाधिक 88़.52 प्रतिशत प्रतापगढ़ में मतदान हुआ जबकि सबसे कम 60.01 प्रतिशत सिरोही जिले में इस उम्र के मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयेाग किया। इसी तरह प्रदेश के जैसलमेर में सर्वाधिक 88़.05 प्रतिशत 80 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं ने मतदान किया जबकि इस उम्र के वर्ग में सबसे कम 57़.86 प्रतिशत अजमेर जिले में मतदान हुआ।

इस चुनाव में पहली बार 80 वर्ष की आयु से अधिक के मतदाताओं के लिए घर बैठे शुरु की गई होम वोटिंग सुविधा के तहत 49 हजार 365 बुजुर्ग मतदाताओं ने घर बैठे अपने मताधिकार का प्रयोग किया जबकि सात लाख 53 हजार 278 बुजुर्ग मतदाताओं ने मतदान केन्द्र पर पहुंचकर ईवीएम के माध्यम से अपने मतदान का प्रयोग किया।उल्लेखनीय है कि इस बार प्रदेश में विधानसभा चुनाव में 75़.45 प्रतिशत मतदान हुआ जो वर्ष 2018 के मुकाबले 0़.73 प्रतिशत अधिक हैं।

Looks like you have blocked notifications!

- Sponsored -

- Sponsored -

Comments are closed.

Breaking News: