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दुर्गा पूजा को लेकर प्रशासन सख्त,पंडालों में बच्‍चों की नो एंट्री

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रांची उपायुक्‍त ने जारी किए कई दिशा निर्देश
रांची:दुर्गा पूजा को लेकर प्रशासन सख्त है। राजधानी रांची की विधि व्यवस्था पुख्ता होगी। इसे लेकर रांची उपायुक्त एवं एसएसपी ने संयुक्त आदेश जारी किए हैं। जिला प्रशासन ने दुर्गा पूजा समितियों से अपील की है कि कोविड-19 की आशंका को देखते हुए पूजा में आडंबर ना करें। आकर्षक लाइट, साउंड बॉक्स आदि का प्रयोग वर्जित रहेगा। पंडाल में विराजमान माता की प्रतिमा को कपड़े से चारों ओर से ढ़कने का निर्देश दिया गया है। जबरन चंदा वसूली की शिकायत पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।11 अक्टूबर षष्ठी से 15 अक्टूबर विजयादशमी तक पूजा समितियों को कोविड-19 को लेकर सरकार द्वारा जारी निदेर्शों का पालन आवश्यक होगा। प्रत्येक पंडाल में सादे लिबास के साथ पर्याप्त संख्या में वदीर्धारी पुलिस बल तैनात रहेंगे। संवेदनशील स्थलों पर संबंधित थाना क्षेत्र के थाना प्रभारी से विशेष दस्ता लगाने एवं आपराधिक प्रवृति के लोगों पर नजर रखने की हिदायत दी गई है। सुरक्षा के लिहाज से रांची को 10 जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन की सुरक्षा की कमान डीएसपी पर होगी।दंडाधिकारी के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहेंगे। वहीं जोन वार नियंत्रण कक्ष बनाकर पूरी स्थिति पर नजर रखी जाएगी। शहर के बड़े पूजा पंडालों में षष्ठी से विजयादशमी तक सुबह-शाम मेटल डिटेक्टर से जांच पड़ताल की जाएगी। दुर्घटना और आपराधिक वारदातों को रोकने के लिए भीड़ भाड़ वाले पंडालों के आसपास डॉग स्क्वाड की तैनाती की जाएगी। थाना प्रभारी, क्षेत्र के अंचलाधिकारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधि और सम्मानित लोगों के साथ बैठक कर शांति सौहार्द बरकरार रखने का निर्देश दिया गया है।थानेदारों को अपने-अपने इलाकों के संवेदनशील स्थानों पर लगातार गश्त लगाने को कहा गया है। साथ ही, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों और आपराधिक प्रवृति के लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। बिजली विभाग, नगर निगम, अग्निशमन विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को भी विशेष रूप से सर्तक रहने का निर्देश दिया गया है।
16 अक्टूबर तक हर हाल में विसर्जन कर लेने की अपील
जिला प्रशासन ने पूजा समितियों से 16 अक्टूबर तक हर हाल में मूर्ति का विसर्जन कर लेने की अपील की है। इसके अनुपालन के लिए जिले के सभी अनुमंडलाधिकारी, अंचलाधिकारी व थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र के पूजा समितियों से बातचीत करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासनिक आदेश के अनुसार शहरी क्षेत्र की मूर्ति का विसर्जन बड़ा तालाब, लाइन टैंक तालाब, बटन तालाब, मछली घर तालाब, हटिया डैम, जगरनाथपुर तालाब, कांके डैम, जेल तालाब, करमटोली तालाब में होगा। विसर्जन के दौरान दंडाधिकारी के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहेंगे।
पूजा को लेकर जिला प्रशासन का महत्वपूर्ण निर्देश
-मूर्ति की ऊंचाई पांच फीट से अधिक नहीं होगी, पंडाल में एक साथ 25 लोगों से ज्यादा के प्रवेश पर रोक रहेगी। 18 वर्ष से कम आयुवर्ग के लोगों को पंडाल में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी
-पूजा पंडालों में भीड़ भाड़ की इजाजत नहीं होगी।
-पंडालों में विराजमान माता की मूर्ति को ढंकना होगा, साज-सज्जा व लाउडस्पीकर डीजे पर रोक रहेगी, सांस्कृतिक आयोजन नहीं कर सकते, तोरण द्वार भी नहीं बनेगा
-पंडाल का निर्माण किसी थीम पर नहीं करना है, मेला पर भी रोक रहेगा
-पंडाल के उद्घाटन पर किसी अतिथि को आमंत्रित करना वर्जित होगा
-पंडाल के आसपास खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक रहेगी
-सार्वजनिक उत्सव, विसर्जन जुलूस नहीं निकलेगा।

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