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सनसनी नहीं, सटीक खबर

16 जनवरी से लगेगा कोरोना का टीका, पटना में 15 टीका केंद्र चिन्हित

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ना सिर्फ़ बिहार बल्कि देश के लिए अच्छी खबर है। कोरोना ने ज़िंदगियों को जिस तरह अपने क़ब्जे में लिया और जीने के सारे तौर-तरीके बदल दिये पूरा विश्व इसकी चपेट में रहा और पूरा साल 2020 कोरोना की भेंट चढ़ गया। अब जहां केन्द्र सरकार ने पूरे देश में 16 जनवरी से कोरोना वैक्सीन लगाना शुरू करने वाली है एक अच्छी ख़बर है। बिहार में होने वाले कोविड-19 टीकाकरण को लेकर राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। कोरोना टीकाकरण के प्रथम चरण में चिन्हित सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों के स्वास्थ्यकर्मियों का कोविन-पोर्टल पर निबंधन का काम भी तेजी से हो रहा है। राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अभी तक बिहार में कुल 4,62,026 लाभार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एलान के बाद शहर के आइजीआइएमएस व पीएमसीएच के निदेशक, अधीक्षक व विभागाध्यक्षों ने शाम में बैठक कर प्लानिंग की. कोरोना की वैक्सीन लगाने के लिए पटना में पीएमसीएच, एनएमसीएच, आइजीआइएमएस, एम्स, पारस अस्पताल समेत 15 जगहों को चिह्नित किया गया है.

राज्य स्वास्थ्य समिति के सहायक निदेशक पीयूष कुमार चंदन ने बताया कि सभी टीकाकरण केंद्रों पर कोविड टीकाकरण के उपरांत जनित जैव चिकित्सा अपशिष्टों के प्रबंधन (बायो वेस्ट मैनेजमेंट) के लिए कलर कोडेड बैग पर्याप्त संख्या में उपलब्ध रहेगी। इन सभी थैलियों को टीकाकरण केंद्रों से निकटतम शीत श्रृंखला स्थल (कोल्ड चेन प्वाइंट) तक लाया जाएगा। वहां से संबंधित जैव चिकित्सा अपशिष्ट उपचार केंद्र के माध्यम से उठाव कर उनका निबटारा किया जाएगा।

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राज्य स्वास्थ्य समिति ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में कोल्ड चेन पॉइंट को सशक्त किया जा रहा है। ताकि कोविड टीकाकरण के दौरान टीकों के रख-रखाव एवं प्रबंधन में किसी प्रकार की समस्या न हो। सभी जिलों के जिलाधिकारी इसका निरीक्षण कर रहे हैं और टीकाकरण की शुरुआत होने पर कोई समस्या न हो यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं। कोविड टीके के भंडारण एवं इसे राज्य के अन्य क्षेत्रीय भंडार केंद्रों तक पहुंचाने में एनएमसीएच, पटना स्थित राज्य टीका औषधि भंडार में कोविड-19 के टीके के भंडारण के लिए एक वाक इन कूलर को चिन्हित किया गया है, जिसकी क्षमता करीब तीन लाख वायल है। अबतक राज्य के 21 जिलों को टीकाकरण के लिए सिरिंज भी उपलब्ध कराई जा चुकी है।

राज्य स्वास्थ्य समिति के अनुसार सभी प्रामाणिक वैक्सीन पूरी प्रक्रिया के गुजरने के बाद ही स्वीकृत की गई है और पूर्णतया सुरक्षित है। चरणवार इसे सभी को उपलब्ध कराने की राज्य सरकार की योजना है और जल्द ही वैक्सीन सभी व्यक्तियों के लिए उपलब्ध होगी।

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