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कोरोना वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट देने के लिए 500 से 2000 तक की हो रही है वसूली

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चाईबासा / गुवा : वैश्विक महामारी कोविड 19 से बचाव को लेकर सरकार द्वारा लाखों करोड़ों की राशि खर्च कर लोगों को मुफ्त जांच और वैक्सीन दिलवाया जा रहा है।यहां तक कि लोगो को कोविड 19 जांच करवाने एवं वैक्सीन लेने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।इसके बावजूद सरकारी अस्पताल के लोगों द्वारा कोविड 19 जांच,एवं वैक्सीन के नाम पर गरीबों से अवैध राशि की वसूली की जा रही है।जिसका नोवामुंडी प्रखंड में कई उदाहरण देखने को मिल जाएगें।बता दें कि नोवामुंडी प्रखंड में कई मॉइन्स,एवं ठेका कम्पनी कार्यरत हैं।जिसमे कम्पनी की ओर से कोविड 19 जैसी महामारी से सुरक्षा की दृष्टिकोण से मजदूरों को बिना कोविड जांच प्रमाण पत्र के कम्पनी में प्रवेश नही दिया जा रहा है।जिस कारण मजदूरों द्वारा आनन फानन में सरकारी अस्पताल के चिकित्सक से कोविड 19 जांच करवा कर कार्यरत कम्पनी प्रबन्धन को जमा देकर पुन: कार्य मे योगदान दिया जाता है।जिस कारण जांच रिपोर्ट देने के नाम पर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा मजदूरों से प्रति जांच रिपोर्ट के नाम पर 500 रुपए से लेकर दो हजार रुपए तक अवैध राशि वसूली जा रही है। जिसका खुलासा करीब 6 माह पूर्व बड़ाजामदा के मजदूरों द्वारा किया गया था।जिसमे बड़ाजामदा के एक चिकित्सक का नाम आया था।जिसमे स्वयं मुख्य चिकित्सा प्रभारी नंदकिशोर सुंडी ने दोषी चिकित्सा प्रभारी के खिलाफ करवाई किए जाने की बात कही थी।इसके बावजूद वसूली करने वाले चिकित्सक के खिलाफ आज तक किसी तरह की कोई करवाई नही की गई।जिससे स्वास्थ्य कर्मियों का हौसला बढ़ता जा रहा है।आलम ये है कि गरीब स्कूली बच्चों से भी जांच रिपोर्ट के नाम पर प्रति छात्र 200 रुपए से 500 रुपए तक अवैध वसूली की जा रही है।जिसका ताजा उदाहरण शनिवार को भी महात्मा गांधी जयन्ती के दिन भी गरीब आदिवासी स्कूली बच्चों से कोविड 19 जांच रिपोर्ट के नाम पर प्रति बच्चे 200 रुपए की वसूली कर उन्हें कोविड 19 मुक्त प्रमाण पत्र दिया गया।पीड़ितों के अनुसार महूदी गांव के टोला मुंडासाई निवासी ज्ञानचंद लागुरी के 12 वर्षीय पुत्री एवं केरला समाजम स्कूल जगरनाथपुर की छात्रा ममता लागुरी से कोविड जांच के नाम पर 200 रुपए वसूली के बाद एक पर्ची थमा दी गई।हद तो तब हो गई जब सत्ताधारी झामुमो के वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं इंदिरा टोला निवासी गोमन बोबोंगा उर्फ रिचु बोबोंगा के 13 वर्षीय पुत्र एवं केरला समाजम स्कूल के ही छात्र से कोविड जांच के नाम पर 200 रुपए की अवैध वसूली की गई।प्रखंड कार्यालय से सटे उपस्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा गरीब स्कूली बच्चों से अवैध वसूली की जा रही है।इसके बावजूद प्रशासनिक पदाधिकारियो को इसकी भनक तक नही है।इस सम्बंध में मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ नरेंद्र सुंडी से पूछे जाने पर उन्होंने पूर्व की तरह रटा रटाया जवाब दिया कि यदि मामले में सच्चाई है तो दोषी स्वास्थ्य कर्मी के खिलाफ कड़ी करवाई की जायगी।मामले में झामुमो के प्रखंड सचिव मनोज लागुरी ने कहा कि झारखंड में हेमन्त सरकार गरीबों, आदिवासियों एवं छात्र छात्राओं के लिए कई योजनाएं चला कर उन्हें राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य कर रही है।कोविड 19 का मुफ्त वैक्सिनेशन के लिए लोगों के बीच जागरूकता अभियान चला रही है।ऐसे में गरीब आदिवासी स्कूली बच्चों से कोविड 19 जांच के नाम पर अवैध वसूली किया जाना एक गम्भीर मामला है।इस सम्बंध में झामुमो के मीडिया प्रभारी मनोज लागरी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को पत्र लिखकर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी एवं दोषी स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कड़ी करवाई किए जाने की मांग की जाएगी।

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