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बंगाल में संवैधानिक अराजकता : धनखड़

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को कहा, ‘‘ राज्य (पश्चिम बंगाल) में लोकतंत्र पहले कभी इतना खतरे में नहीं था।’’ इंडिया टुडे कॉन्क्लेव ईस्ट 2022 में बोलते हुए श्री धनखड़ ने कहा,‘‘हम वस्तुत: संवैधानिक अराजकता की बात कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल ज्वालामुखी पर बैठा है। पश्चिम बंगाल एक नाजुक राज्य है। पश्चिम बंगाल में कोई लोकतंत्र नहीं है।’’ इस दौरान उन्होंने ंिसडिकेट माफिया के मुद्दों के साथ-साथ चुनाव के बाद राज्य में हुयी ंिहसा पर भी बात की।
श्री धनखड़ ने कहा, ‘‘ंिसडिकेट माफिया के अभियानों के जरिए रंगदारी के रूप में होने वाला अपराध 2018 से बेरोकटोक चल रहा है। ऐसा पहले तो नहीं होता था।’’ उन्होंने उच्च न्यायालय का हवाला देते हुए कहा, ‘‘ंिसडिकेट्स का व्यवसायों पर पकड़ है।’’ चुनाव के बाद हुयी ंिहसा के बारे में बात करते हुए श्री धनखड़ ने राज्य सरकार पर भी हमला किया और कहा,‘‘चुनाव के बाद की ंिहसा पर उच्च न्यायालय द्वारा गठित एक समिति ने कहा कि बंगाल में स्थिति शासक के द्वारा उत्पन्न की गयी स्थिति थी।’’ बंगाल में चुनाव के बाद की ंिहसा को ‘अभूतपूर्व’ बताते हुए श्री धनखड़ ने सवाल किया, ‘‘क्या आप बलात्कार, हत्या, आगजनी, लूट का सामना कर सकते हैं और लोगों को उनके विवेक के अनुसार मतदान करने के लिए दंडित कर सकते हैं? यह कैसे किया जा सकता है? न्यायिक आदेशों की अनदेखी की जाती है और एक आसान मार्ग बनाया जाता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने 13 से 15 मई तक पूरे राज्य का दौरा किया। मैंने देखा कि लड़कियों के आंसू नहीं रुक रहे थे, क्योंकि उनके साथ बलात्कार किया गया था, घरों को लूटा गया था, उन जगहों को देखा जहां आगजनी हुई थी।’’ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा,‘‘यहां एक ऐसा परिदृश्य है, जहां लोकतंत्र वस्तुत: अंतिम सांस ले रहा है, यहां एक ऐसा परिदृश्य है, जिसमें पुलिस राज्य के सभी तत्व हैं।’’ श्री धनखड़ ने सुश्री बनर्जी पर ‘संविधान के उल्लंघन’ का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं अनुनय में विश्वास करता हूं और मुझे उम्मीद है कि वह (सुश्री ममता बनर्जी) इसे सुनेगी। मुझे पता है कि मुझे सरकार के साथ मिलकर काम करना है। मैं राजनीति में हितधारक नहीं हूं। मैं केवल (सुनिश्चित करने) में एक हितधारक हूं कि शासन संवैधानिक कानून के अनुसार होना चाहिए। मैं केवल संविधान से आदेश लेता हूं।’

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