Live 7 TV
सनसनी नहीं, सटीक खबर

सीबीएसई बोर्ड बारहवीं की परीक्षाएं रद्द होने के बाद आईसीएसई बोर्ड की भी परीक्षाएं रद्द उत्तर प्रदेश राजस्थान और रामनिवास भी 12वीं की परीक्षा रद्द करने पर विचार कर रहे हैं

COVID के कारण अनिश्चित परिस्थितियों और हितधारकों से प्राप्त प्रतिक्रिया को देखते हुए, यह निर्णय लिया गया है कि इस वर्ष कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी

सरकार ने कोरोना महामारी के कारण बनी अनिश्चितता की स्थिति के मद्देनजर छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोपरि करार देते हुए केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। यह भी तय किया गया कि सीबीएसई बोर्ड पूरी तरह से परिभाषित मानदंड के आधार पर निश्चित समय में कक्षा बारहवीं के परिणाम तैयार करने के लिए कदम उठायेगा।
बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि पिछले वर्ष की तरह यदि कुछ छात्र परीक्षा देना चाहते हैं तो बोर्ड उन्हें यह विकल्प देगा लेकिन ये परीक्षा स्थिति अनुकूल होने पर ली जायेगी।
अधिकारियों ने परीक्षाओं के बारे में अब तक विभिन्न पक्षों और राज्य सरकारों के साथ हुए विचार विमर्श के बारे में प्रधानमंत्री के समक्ष एक प्रस्तुति दी। इसके बाद स्थिति की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया कि इस वर्ष बारहवीं की परीक्षा आयोजित नहीं की जायेगी।
श्री मोदी ने कहा कि यह निर्णय छात्रों के हित में लिया गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण शैक्षणिक सत्र प्रभावित हुआ है और बोर्ड की परीक्षा के मुद्दे को लेकर छात्रों , अभिभावकों और अध्यापकों में असमंजस था जिस पर विराम लगाया जाना जरूरी था।
भारत सरकार ने बारहवीं कक्षा की सीबीएसई बोर्ड परीक्षा रद्द करने का फैसला किया है। व्यापक विचार-विमर्श के बाद, हमने एक निर्णय लिया है जो छात्रों के अनुकूल है, जो हमारे युवाओं के स्वास्थ्य के साथ-साथ भविष्य की रक्षा करता है।

बैठक में गृह, रक्षा, वित्त, वाणिज्य, सूचना एवं प्रसारण तथा अन्य मंत्रियों के अलावा विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
सीबीएसई की 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं रद्द

12वीं कक्षा के परिणाम समयबद्ध तरीके से एक पूर्णत: स्पष्ट उद्देश्यपरक मानदंड के अनुसार तैयार किए जाएंगे

सीबीएसई की 12वीं कक्षा की परीक्षाओं पर फैसला विद्यार्थियों के हित में लिया गया है: प्रधानमंत्री

हमारे विद्यार्थियों का स्वास्थ्य एवं सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है और इस पहलू पर कोई भी समझौता नहीं होगा: प्रधानमंत्री

विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच भारी चिंता व्‍याप्‍त, जिसे अवश्‍य ही दूर किया जाना चाहिए: प्रधानमंत्री

इस तरह की तनावपूर्ण स्थिति में विद्यार्थियों को परीक्षाओं में बैठने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए: प्रधानमंत्री

सभी हितधारकों को विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की जरूरत है: प्रधानमंत्री
प्रविष्टि तिथि: 01 JUN 2021 7:27PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने सीबीएसई की 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान अधिकारियों ने अब तक हुए व्यापक परामर्श के साथ-साथ राज्य सरकारों सहित सभी हितधारकों से प्राप्त विचारों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

कोविड के कारण उत्‍पन्‍न अनिश्चित परिस्थितियों और विभिन्न हितधारकों से प्राप्त राय एवं सुझावों को ध्‍यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया कि इस वर्ष 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं नहीं कराई जाएंगी। यह भी निर्णय लिया गया कि सीबीएसई 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के परिणामों को समयबद्ध तरीके से एक पूर्णत: स्‍पष्‍ट उद्देश्यपरक मानदंड के अनुसार संकलित करने के लिए आवश्‍यक कदम उठाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सीबीएसई की 12वीं कक्षा की परीक्षाओं पर फैसला विद्यार्थियों के हित में लिया गया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 ने अकादमिक कैलेंडर को काफी प्रभावित किया है और बोर्ड परीक्षाओं का मुद्दा विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों के बीच अत्यधिक चिंता उत्‍पन्‍न करता रहा है, जिसे अवश्‍य ही समाप्त किया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश भर में कोविड से जुड़ी स्थिति निरंतर बदल रही है। वैसे तो कोविड के मामले घट रहे हैं और कुछ राज्य प्रभावकारी सूक्ष्म-कंटेनमेंट के माध्यम से महामारी से निपट रहे हैं, जबकि कुछ राज्यों ने अब भी लॉकडाउन का विकल्प चुना है। इस तरह की स्थिति में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को लेकर विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षक स्वाभाविक रूप से चिंतित हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस तरह की तनावपूर्ण स्थिति में विद्यार्थियों को परीक्षाओं में बैठने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने विशेष जोर देते हुए कहा कि हमारे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का अत्यधिक महत्व है और इस पहलू पर कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज के समय में इस तरह की परीक्षाएं हमारे युवाओं को जोखिम में डालने का कारण नहीं बन सकती हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी हितधारकों को विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि परिणाम पूर्णत: स्‍पष्‍ट मानदंडों के अनुसार निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से तैयार किए जाएं।

प्रधानमंत्री ने व्यापक परामर्श प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए इस बात की सराहना की कि भारत के कोने-कोने से सभी हितधारकों से परामर्श करने के बाद ही विद्यार्थी हितैषी निर्णय लिया गया है। उन्होंने इस मुद्दे पर राय एवं सुझाव देने के लिए राज्यों का भी धन्यवाद किया।

यह भी निर्णय लिया गया कि पिछले साल की तरह ही यदि कुछ विद्यार्थी परीक्षा में बैठने की इच्छा रखते हैं, तो स्थिति अनुकूल होने पर सीबीएसई द्वारा उन्हें ऐसा विकल्प प्रदान किया जाएगा।

माननीय प्रधानमंत्री ने इससे पहले 21.05.2021 को एक उच्चस्तरीय बैठक की थी जिसमें मंत्रियों और अधिकारियों ने भाग लिया था। इसके बाद 23.05.2021 को केंद्रीय रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी जिसमें राज्यों के शिक्षा मंत्रियों ने भाग लिया था। बैठक में सीबीएसई की परीक्षाएं कराने के बारे में विभिन्न विकल्पों पर चर्चा की गई थी और राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से राय एवं सुझाव प्राप्त हुए थे।

आज की बैठक में गृह, रक्षा, वित्त, वाणिज्य, सूचना एवं प्रसारण, पेट्रोलियम और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के केंद्रीय मंत्रियों और प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव और स्कूल शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभागों के सचिव और अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।

Looks like you have blocked notifications!

Leave a Reply