Live 7 TV
सनसनी नहीं, सटीक खबर

असम-मिजोरम का झगड़ा: सैटेलाइट इमेज के सहारे सीमा निर्धारण की बनी योजना

- Sponsored -

नई दिल्ली : असम और मिजोरम के बीच सीमा विवाद ने हाल ही में काफी सुर्खियां बटोरीं। इस विवाद में जहां करीब सात लोगों की जान गई, वहीं काफी बड़े पैमाने पर किरकिरी भी हुई। अब केंद्र सरकार इस सीमा विवाद का एक ऐसा ठोस हल निकालने जा रही है, जिससे यह समस्या हमेशा-हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए केंद्र सरकार ने सैटेलाइट इमेज का सहारा लेकर सीमा निर्धारण की योजना बनाई है। वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी है। इसके मुताबिक दोनों राज्यों के बीच सीमा निर्धारण का काम उत्तर पूर्वी स्पेस अप्लीकेशन सेंटर (एनईएसएसी) को दिया गया है। यह संस्थान डिपार्टमेंट आॅफ स्पेस और नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल के संयुक्त तत्वाधान में काम करता है।

हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा विवाद
सैटेलाइट इमेजिंग के जरिए दोनों राज्यों के बीच सीमा निर्धारण के आइडिया को सहमित कुछ महीने पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दी थी। इंडिया टुडे की वेबसाइट पर चल रही खबर के मुताबिक अमित शाह ने ही इस कार्य को एनईएसएसी से कराने का आइडिया दिया था। इसके बाद ही दोनों राज्यों की सीमा और जंगली इलाके की इस वैज्ञानिक तरीके से सीमा नापने का प्लान बना है। सरकारी तंत्र के मुताबिक एनईएसएसी से सीमा निर्धारण कराने के पीछे यही मकसद है। केंद्र सरकार का मानना है कि जब एक बार वैज्ञानिक तरीके से सीमा निर्धारण हो जाएगा तो यह झगड़ा हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।
26 जुलाई को हुआ था विवाद
गौरतलब है कि असम और मिजोरम के बीच बीते हफ्ते 26 जुलाई को सीमा विवाद इतना बढ़ गया कि गोलीबारी तक हो गई। इसमें असम पुलिस के 6 जवान मारे गए और एक आम नागरिक की भी मौत हो गई। इतना ही नहीं तनातनी इतनी बढ़ गई कि मिजोरम ने इस वारदात को लेकर दायर की गई अपनी एफआईआर में असम के मुख्यमंत्री और अन्य शीर्ष अधिकारियों तक का नाम दे दिया। मिजोरम के पुलिस महानिरीक्षक (मुख्यालय) जॉन एन ने बताया कि इन लोगों के खिलाफ हत्या का प्रयास और आपराधिक साजिश समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। असम पुलिस के 200 अज्ञात कर्मियों के खिलाफ भी मामले दर्ज किये गए हैं।

Looks like you have blocked notifications!

- Sponsored -

Leave a Reply