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छुट्टियों पर मचे बवाल के बाद बिहार में एक और कैलेंडर जारी

छुट्टियों का अलग-अलग कैलेंडर में अलग-अलग हिसाब

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छुट्टियों को लेकर विपक्ष के निशाने पर आई नीतीश सरकार ने एक और कैलेंडर जारी किया है. अलग से जारी किया गया यह कैलेंडर उर्दू स्कूलों के लिए है. अबतक शिक्षा विभाग की ओर से सभी सरकारी स्कूलों के लिए एक ही कैलेंडर जारी किया था परन्तु अब उर्दू और सामान्य स्कूलों के लिए इसे अलग-अलग जारी किया गया है.

 

छुट्टियों का अलग-अलग कैलेंडर में अलग-अलग हिसाब

 

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सरकारी की ओर से जारी दो कैलेंडर्स में छुट्टियों में भी बदलाव किया गया है. उर्दू विद्यालयों के लिए जारी की गई लिस्ट में ईद और बकरीद की छुट्टी 3 दिनों की है. वहीं गैर उर्दू स्कूलों में दोनों पर्वों के लिए एक-एक दिन की छुट्टी का प्रावधान है. इसी तरह गैर उर्दू स्कूलों में महाशिवरात्रि, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और रामनवमी की छुट्टी होगी परन्तु उर्दू स्कूलों में नहीं होगी.

 

छठ पूजा और चेहल्लुम में दोनों कैलेंडर में एक समान अवकाश है. छठ में 3 दिनों औऱ चेहल्लुम में एक दिन की छुट्टी होगी. मुहर्रम में उर्दू स्कूलों में 2 दिन और गैर उर्दू स्कूलों में एक दिन की छुट्टी होगी. स्कूलों में रक्षाबंधन, तीज और जिउतिया की छुट्टी रद्द कर दी गई है.

गांधी जयंती पर छुट्टी रद्द, अंबेदकर जयंती पर छुट्टी

 

बिहार सरकार ने स्कूलों में गांधी जयंती की छुट्टी भी रद्द कर दी है. परन्तु डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर स्कूलों में छुट्टियां रहेंगी. यह राज्य की सभी उर्दू और गैर उर्दू विद्यालयों में लागू होगा. सरकार के इस फैसले के बाद एक नई राजनैतिक बहस शुरू हो गई है.  चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि गांधीजी नीतीश कुमार की वोटों की राजनीति में फिट नहीं बैठ रहे इसलिए भीमराव अंबेडकर को तरजीह दी गई है. जाहिर है नीतीश कुमार की नजर राज्य के दलित और महादलित वोटों पर भी है.

छुट्टियों का कैलेंडर जारी करने के बाद विपक्ष के निशाने पर सरकार

 

बिहार के शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों में छुट्टियों का जो कैलेंडर जारी किया गया था उसके लेकर काफी बावेला मचा हुआ है. पहले सभी स्कूलों के लिए एक ही कैलेंडर जारी किया गया था जिसमें हिंदुओं के कऊ महत्वपूर्ण त्यौहारों पर छुट्टियां रद्द कर दी गई थी और कई त्यौहारों की छुट्टियों में कटौती कर दी गई है. इसके उलट मुस्लिम पर्वों के लिए छुट्टियों में बढ़ोतरी कर दी गई.

 

अब नया कैलेंडर जारी कर सरकार ने स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है. हालांकि विपक्ष अब भी मानने को तैयार नहीं है.

बीजेपी ने लगाया मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप

 

बीजेपी छुट्टियों को लेकर सरकार पर हमलावर है. बीजेपी ने इसे वोट के लिए तुष्टीकरण का आरोप लगाया है. पूर्व उपमुख्यमंत्री और बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने इसे नीतीश कुमार का हिंदू विरोधी चेहरा बताया है. उन्होने कहा कि नीतीश कुमार जाति में बांटकर हिंदुओं का वोट हासिल करना चाहते हैं औऱ छुट्टियाँ बढ़ाकर मुसलमानों का वोट लेना चाहते हैं.

 

बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री ने नीतीश सरकार के इस फैसले के बाद अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- ‘ इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ बिहार ‘. उन्होने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार ने जिस तरह से हिंदू विरोधी रवैया अपनाया है उसे लगता है कि आने वाले दिनों में उन्हे मोहम्मद नीतीश और मोहम्मद लालू के नाम से जाना जाएगा.

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