Live 7 Bharat
जनता की आवाज

नेहरू की गलती से POK का हुआ जन्म, वर्षों तक कश्मीर ने झेला दंश: गृहमंत्री अमित शाह

80 के दशक में कश्मीरी पंडितों के साथ हुआ अत्याचार

- Sponsored -

संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्षी दलों पर सदन में जमकर निशाना साधा। शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सत्तर वर्षों तक जिनके साथ अन्याय हुआ और जिन्हें अपमानित किया गया अब उनको सम्मान के साथ अधिकार मिलेगा।

बुधवार को लोकसभा में जम्मू-कश्मीर आरक्षण संशोधन विधेयक और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन संशोधन विधेयक पर लगभग छह घंटे तक चर्चा चली। उसी बीच अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि 70 वर्षों से जिन पर अन्याय हुआ, जो लोग अपमानित हुए और जिनकी अनदेखी की गई उनको न्याय दिलाने का विधेयक है। किसी भी समाज में जो लोग वंचित हैं उन्हें आगे लाना चाहिए, यही भारत के संविधान की मूल भावना है। उन्हें इस तरह से आगे लाना होगा, जिससे उनका सम्मान कम न हो।

अमित शाह ने कहा कि 80 के दशक में कश्मीरी पंडितों के साथ जब अत्याचार हुए उन्हें बेघर किया गया तो कोई उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया। उस समय की सरकारों ने अगर आतंकवाद को खत्म किया होता तो उन लोगों को प्रदेश छोड़ने की जरूरत नहीं पड़ती। जब ये लोग विस्थापित हुए तो उन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों में जाना पड़ा। एक लाख से ज्यादा लोग अपने ही देश में विस्थापित हो गए। ऐसे विस्थापित हुए कि उनकी जड़े ही अपने क्षेत्र अपने राज्य से उखड़ गई। यह विधेयक इन लोगों को आधार देने का है।

- Sponsored -

गृह मंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी ऐसे नेता हैं, जो गरीब घर में जन्म लेकर देश के प्रधानमंत्री बने हैं, वह पिछड़ों और गरीबों का दर्द जानते हैं। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाना कुछ लोगों को खटक गया है। “ परिसीमन की जो सिफारिश है उसको कानूनी जामा पहनाकर आज इसे संसद के सामने रखा है। दो सीटें कश्मीर विस्थापितों के लिए आरक्षित होंगी। एक सीट पीओके के विस्थापित व्यक्तियों के लिए दी जाएगी। परिसीमन आयोग की सिफारिश के पहले जम्मू में 37 सीटें थीं। जिसे बढ़ाकर अब 43 कर दी गई हैं। कश्मीर में पहले 46 सीटें थी अब उसे भी बढ़ाकर 47 कर दी गई है। पीओके की 24 सीटें हमने रिजर्व रखी है क्योंकि वो हिस्सा हमारा है। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पहले 107 सीटें थीं, जो अब बढ़कर 114 हो गई हैं। पहले दो नामांकित सदस्य हुआ करते थे अब पांच सदस्य होंगे।”

- Sponsored -

नेहरू की गलती से वर्षों तक कश्मीर को झेलना पड़ा दंश

 

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय में जो गलतियां हुई थीं, उसका खामियाजा वर्षों तक कश्मीर को उठाना पड़ा। पहली और सबसे बड़ी गलती- जब हमारी सेना जीत रही थी, पंजाब का क्षेत्र आते ही सीजफायर कर दिया गया और पीओके का जन्म हुआ। अगर सीजफायर तीन दिन बाद होता तो आज पीओके भारत का हिस्सा होता। दूसरा- संयुक्त राष्ट्र में भारत के आंतरिक मसले को ले जाने की गलती की।

Looks like you have blocked notifications!

- Sponsored -

- Sponsored -

Comments are closed.

Breaking News: