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चारा घोटाले के डोरंडा केस में भी लालू दोषी करार: 21 फरवरी को सजा पर सुनवाई होगी

36 लोगों को तीन साल की सजा सुनाई गई है। लालू प्रसाद यादव को दोषी ठहराया गया है, सजा अभी नहीं सुनाई गई है। हमने दर्खास्त की है उनकी (लालू प्रसाद यादव) तबियत ठीक नहीं है, जेल प्राधिकरण को निर्देश दिया जाए कि उन्हें रिम्स में शिफ्ट किया जाए: प्रभात कुमार, लालू प्रसाद यादव के वकील. स्कूटर, गाय-सांड़ की स्क्रिप्ट से सीबीआई भी हो गई थी हैरान

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रांची: राष्ट्रीय जनता दल(राजद) के मुखिया लालू प्रसाद यादव को आज चारा घोटाले के डोरंडा केस में भी दोषी ठहराया गया है। झारखंड की राजधानी रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाया है। इस मामले में 36 लोगों को 3-3 साल की सजा सुनाई गई है। हालांकि, लालू प्रसाद यादव पर सजा का एलान अब 21 फरवरी को किया जाएगा। आरजेडी सुप्रीमो को कोर्ट की ओर से दोषी करार देते ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके बाद उनके वकील ने जेल न भेजकर रिम्स में भेजने के लिए आवेदन दे दिया है। इस पर कोर्ट दोपहर दो बजे के बाद सुनवाई करेगी। यह मामला डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है।

डोरंडा कोषागार घोटाले में कई चौंकाने वाले मामले सामने आए। जिसमें पशुओं को फर्जी रूप से स्कूटर और मोटरसाइकिल पर ढ़ोने की कहानी शामिल है। मामला 1990-92 के बीच का है। अफसरों और नेताओं ने फर्जीवाड़ा की नई कहानी ही लिख दी। फर्जीवाड़ा कर बताया गया कि 400 सांड़ को हरियाणा और दिल्ली से स्कूटर और मोटरसाइकिल पर रांची तक ढोया गया। यानी घोटाले में जिस गाड़ी नंबर को विभाग ने पशु को लाने के लिए दर्शाया था, वे मोटसाइकिल और स्कूटर के नंबर निकले। सीबीआई ने जांच में पयाा कि कई टन पशुचारा, पीली मकई, बादाम, खल्ली, नमक आदि ढोने के लिए स्कूटर, मोटरसाइकिल और मोपेड का नंबर दिया गया था।
जांच में सामने आया कि 1990-92 के दौरान 2 लाख 35 हजार में 50 सांड़, 14 लाख 4 हजार से अधिक में 163 सांड़ और 65 बछिया खरीदा गया। वहीं क्रॉसब्रिड की बछिया और भैंस की खरीद का करीब 84 लाख का भुगतान मुर्रा लाइव स्टॉक दिल्ली के प्रोपराइटर विजय मल्लिक ने की थी। इस घोटाले में हिंदुस्तान लाइव स्टॉक एजेंसी के आपूर्तिकर्ता संदीप मल्लिक पर भी भेड़ और बकरी के लिए 27 लाख 48 हजार रुपए भुगतान करने का आरोप है।

सीबीआई ने जांच में कहा था कि ये व्यापक षड्यंत्र का मामला है। इसमें राज्य के नेता, कर्मचारी और व्यापारी सब भागीदार थे। इस मामले में बिहार के एक और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र समेत राज्य के कई मंत्री गिरफ्तार किए गए थे।

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बता दें कि लालू प्रसाद को अब तक करोड़ों रुपये के चारा घोटाले से जुड़े पांच में से चार मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है। चारा घोटाले के चार मामलों- देवगढ़, चाईबासा, रांची के डोरंडा कोषागार और दुमका मामले में लालू प्रसाद को जमानत दे दी गई थी।

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17 मई 2012 को केस में नया मोड़ आ गया। सीबीआई कोर्ट में आरजेडी सुप्रीमो पर दिसंबर 1995 और जनवरी 1996 के बीच दुमका ट्रेजरी से 3.13 करोड़ रुपए का मामला साबित हो गया। 30 सितंबर 2013 को चारा घोटाला मामले में कोर्ट ने लालू यादव को दोषी माना। लालू दुमका ट्रेजरी मामले में सजा होने के बाद जेल गए। वे 17 अप्रैल 2021 को जमानत पर बाहर आए।

1998 में लालू और राबड़ी देवी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया। 9 जून 2000 को कोर्ट में लालू यादव के खिलाफ आरोप साबित हो गए। अक्तूबर में सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद मामले को नए राज्य में ट्रांसफर कर दिया। 2006 में लालू और राबड़ी को आय से अधिक संपत्ति मामले में क्लीन चिट मिल गई थी।

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