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मार्च 2022 तक चालू होगा अगवानी घाट- सुल्तानगंज पुल

कोरोना संक्रमण की वजह से आक्सीजन सप्लाई में बाधा से निर्माण में आयी परेशानी
मार्च 2023 तक हो जाएगा कच्ची दरगाह – विदुपुर सिक्स लेन का काम पूरा
पटना। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सड़कों व पुलों का जाल बिछ गया है। पहले गंगा नदी पर उत्तर बिहार व दक्षिण बिहार के बीच महज दो पुल हुआ करता था अब इस सरकार में गंगा नदी के इसपार से उसपार जाने के लिए कई पुल हो गया है। जिससे लोगों की आवागमन की सुविधा बढ़ी है। मिली जानकारी के मुताबिक अब अगले दो साल में गंगा नदी पर और कई पुल बन जाएंगे। इन्हीं महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल गंगा नदी पर बन रहा अगवानी-सुल्तानगंज व कच्ची दरगाह- विदुपुर पुल है। मिली जानकारी के मुताबिक कोरोना संक्रमण काल में आॅक्सीजन की सप्लाई प्रभावित होने से इस पुलों के निर्माण में भी देर लगी है। इस संबंध में पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने कहा कि यह दोनों पुल राज्य सरकार की महत्वपूर्ण परियोजना हैं। इसके लिए राज्य सरकार ने बैंक से बड़ा कर्ज लिया है। उन्होंने बताया कि कच्ची दरगाह-बिदुपुर के लिए एडीबी बैंक से कर्ज लिया गया है। इसे मार्च 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य है। वहीं ,अगवानी-सुल्तानगंज पुल के लिए नाबार्ड से राज्य सरकार ने कर्ज लिया है. इसे मार्च 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य है।पुल निर्माण निगम से मिली जानकारी के मुताबिक अगवानीघाट- सुल्तानगंज पुल मार्च 2022 और कच्ची दरगाह- बिदुपुर पुल मार्च 2023 तक बनकर तैयार हो जायेगा। सूबे में कोरोना की दूसरी लहर धीमी पड़ते ही काम की रफ्तार में तेजी आ गयी है। अब इस कार्य के लिए आॅक्सीजन सप्लाई भी सामान्य हो गयी है। इन दोनों पुलों से होकर आवागमन शुरू होने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच बेहतर सड़क कनेक्टिविटी हो जायेगी। साथ ही राज्य के किसी भी कोने से पांच घंटे में पटना पहुंचना आसान हो जायेगा। सूत्रों के अनुसार 3.160 किलोमीटर लंबा अगुवानी घाट-सुल्तानगंज पुल का निर्माण 1710 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इसकी आधारशिला 23 फरवरी , 2014 को खगड़िया जिले के परबत्ता में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रखी थी। 9 मार्च, 2015 को मुख्यमंत्री ने पुल निर्माण का काम शुरू करने के लिए कार्यारंभ भी किया था। पुल निर्माण 80 फीसदी से अधिक हो चुका है। खगड़िया की ओर से 16 किलोमीटर और सुल्तानगंज की ओर से चार किलोमीटर लंबा एप्रोच रोड का निर्माण चल रहा है। इसके बनने से उत्तर बिहार सीधे मिर्जा चौकी के रास्ते झारखंड से भी जुड़ जायेगा। विक्रमशिला सेतु पर भी वाहनों का दबाव कम होगा। श्रावणी मेला के दौरान कांवरियों को खगड़िया से भागलपुर आने के लिए 90 किलोमीटर की दूरी की जगह केवल 30 किलोमीटर का सफर कर पुल पार होकर सुल्तानगंज पहुंच जायेंगे। वहीं कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन पुल 4988.4 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है। इसमें से करीब 3,115 करोड़ रुपये एडीबी का ऋण है। पुल की कुल लंबाई 22 किलोमीटर 760 मीटर है, जिसमें मुख्य पुल 9 किलोमीटर 76 मीटर है। उत्तर दिशा में सड़क की लंबाई 8 किलोमीटर से अधिक है और संपर्क पथ की लंबाई 13 किलोमीटर है। यह पुल महात्मा गांधी सेतु से लगभग 10 किलोमीटर पूरब गंगा नदी पर कच्ची दरगाह और बिदुपुर के बीच बन रहा है। निमार्णाधीन पुल के संपर्क पथ को ग्रीन कॉरिडोर औरंगाबाद से दरभंगा तक विस्तार करने की योजना है। जिसपर कार्ययोजना बन रही है।

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