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दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को थामने के लिए एक्शन शुरू

दिल्ली में नहीं चल पाएंगी डीजल बसें, प्रदूषण फैलाने वालों पर रहेगी प्रशासन की नजर

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दिल्ली में प्रदूषण ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है. दीवाली का आना अभी बाकी है, परन्तु जिस तेजी से राष्ट्रीय राजधानी में पॉल्यूशन बढ़ रहा है वो काफी चिंतित करने वाला है. यही वजह है कि सरकार ने सख्त कदम उठाना शुरू कर दिया है. आज से दिल्ली में डीजल से चलने वाली बसों को बैन कर दिया गया है. अब दिल्ली में सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-6 बसें ही चलेंगी. बीएस-3 और बीएस-4 बसों के चलने पर रोक लगा दी गई है.

 

दिल्ली में नियमों के सख्ती से पालन पर जोर

 

जानलेवा प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए केजरीवाल सरकार ने पिछले साल की तरह इस बार भी सर्दी के लिए 15 सूत्री एक्शन प्लान बनाया है. इसका अब सख्ती से पालन शुरू कर दिया गया है. सरकार ने पटाखों पर पूर्णत: प्रतिबंध लगा दिया है. दिल्ली के भी पटाखे बनाने, उसे बेचने या खरीदने या फिर कहीं और से खरीदकर इस्तेमाल करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. इसके अलावा सरकार ने नए पहले से मौजूद हॉटस्पॉट्स के अलावा भी नए हॉटस्पॉट्स की पहचान कर वहां टीमों को तैनात कर दिया गया है.

 

दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए क्या-क्या है तैयारी

 

राष्ट्रीय राजधानी में सरकार की ओर जानलेवा प्रदूषण को रोकने के लिए ये कदम उठाए गए हैं :

एनडीएमसी की ओर से सड़क की सफाई करने वाली मशीन लगाई गई है. इसके साथ ज्यादा प्रदूषण वाली जगहों पर पानी का छिड़काव करने के लिए एंटी स्मॉग गन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. पटाखों को पूरी तरह से बैन कर दिया गया है. पटाखा फोड़ना ही नहीं बल्कि बेचने, खरीदने या फिर रखने की भी मनाही है. सरकार ने खुले में कचरा जलाने पर भी रोक लगा दी है. निर्माण स्थलों पर भी खासतौर से निगरानी रखी जा रही है. एनडीएमसी ने इसकी निगरानी के लिए विशेष टीम गठित की है. ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाली पुरानी गाड़ियों की आवाजाही पर खास तौर से नजर रखी जा रही है. इसके अलावा दिल्ली सरकार का जागरूकता अभियान पर भी जोर है. लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए वॉलेंटियर्स को तैनात किया गया है. इन वॉलेंटियर्स को पर्यावरण मित्र नाम दिया गया है.

DELHI POLLUTION 2

दिल्ली में नियमों को नहीं मानने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

 

दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए सरकार की ओर से लागू किए गए नियमों की अनदेखी करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा. नियमों की अनदेखी कर चलने वाली गाड़ियों को जब्त भी किया जा सकता है. इसके लिए ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट मुस्तैद है. बॉर्डर इलाकों में चेंकिंग के लिए विभाग का दस्ता तैनात रहेगा. बॉर्डर से जुड़े अलग-अलग प्वायंट्स पर 18 टीमों को तैनात किया गया है. इसके साथ ही बस अड्डा प्राइवेट बसों को ऑपरेट किए जाने वाली जगहों पर भी रेगुलर चेकिंग होगी. पड़ोसी और दूसरे राज्यों से करीब 4500 बसें हर रोज दिल्ली आती है.

दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी जताई थी नाराजगी

 

सर्दी का मौसम शुरू होने के साथ ही दिल्ली में घुटन महसूस होने लगी है. खासकर बीमार लोगों के लिए इस मौसम में दिल्ली में रहना मुश्किल हो जाता है. प्रदूषण की वजह को लेकर राजनीति भी खूब होती है. दिल्ली सरकार पड़ोसी राज्यों में पराली जलाए जाने को बड़ी वजह बताती रही है. दिल्ली में हवा की खराब गुणवत्ता पर सुप्रीम कोर्ट ने भी नाराजगी जताई है. देश की सबसे बड़ी अदालत ने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सरकार को एक हफ्ते के भीतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने हलफनामा के जरिए ये बताने को कहा है कि संबंधित सरकारों ने प्रदूषण को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं. 7 नवंबर को मामले में अगली सुनवाई होगी.

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