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कौशल विकास के नाम पर रोजगार के लिए ले जाए गए कोल्हान की 7 लड़कियों का किया रेस्क्यू

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चाईबासा: कौशल विकास योजना के तहत धागा बनाने वाली कंपनी कैपियर मेलिमिटर,निलम्बुर, कोयम्बटूर(तमिलनाडु) में शोषण का शिकार हो रही कोल्हान की सात लड़कियों का रेस्क्यू कर कोल्हान नितिर तुरतुंग के सदस्यों ने उनके परिजनों को सौंप दिया। बेरोजगार लड़कियों को वर्ष 2019 में रोजगार मुहैया कराने के नाम पर कौशल विकास योजना के तहत धागा कंपनी में काम दिया गया, लेकिन लड़कियों का शिकायत है कि उन्हें कई महीनों तक वेतन नहीं दिया जाता है और दूसरी कंपनियों में काम करने से भी रोका जाता है। उनके घर वापसी का प्रयास करने से स्टेशन तक पहुंचने नहीं दिया जाता था।ऐसी मुसीबत के वक्त लड़कियों ने तमिलनाडु में रेलवे कर्मचारी चाईबासा के बिरसा बारी के मार्फत नितिर तुरतुंग के सदस्यों से सम्पर्क किया।नितिर तुरतुंग के सिंगराय बोदरा ने इस मामले पर संज्ञान लिया और संगठन के अपने साथियों शैलेश कंडाईबुरु,संजय बानरा को कहकर लड़कियो के लिए भाया राउरकेला चक्रधरपुर तक का रेलवे टिकट की व्यवस्था किया गया। राउरकेला में रेलवे कर्मचारी मनोज तुबिद ने लड़कियों को रिसीव कर चक्रधरपुर के लिए रवाना किया और चक्रधरपुर स्टेशन पर कोल्हान नितिर तुरतुंग के चक्रधरपुर शाखा पदाधिकारियों अनंत कुमार हेम्ब्रम और अंजन सामड ने सभी लड़कियों को जलपान कराकर उनके परिजनों को सौंप दिया। रेस्क्यू किए गए लड़कियों में संगीता सोय (टुकेडीह,कुचाई),जयंती डांगिल गीता डांगिल (दोनों लोप्टा,कुचाई),संजुता सोय (सामुडीह, कुचाई),सोमवारी बारी (टोंटोसाई, कुचाई),खुशबू चांपिया (राहरगोड़ा,कुचाई)और बसंती कुमारी (मुरी,रांची) शामिल हैं।

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