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40 घरों के 150 परिवार आज भी चुंआड़ी के पानी से बुझा रहे प्यास

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बालूमाथ (लातेहार): बारियातू प्रखंड के शिबला पंचायत अंतर्गत बेसरा व कुशमाहा गांव के बाराखार टोले में निवास करने वाले 40 घरों के 150 परिवार आज भी चुंआड़ी के पानी से प्यास बुझाने को बिवश हैं । ग्रामीण कुलदीप गँझू,राजेंद्र गँझू, संतोष गँझू,सकिन्दर गँझू,रघुनाथ, रविंद्र गंझू,दिनेश गंझू,जितन गंझू,परमेश्वर, दसरथ, सिनोद, अर्जुन, बिनोद, प्रमोद, क्लावती देवी,फूलमती देवी, जिरवा देवी, गुड़िया देवी, सोनी देवी, पनवा,चरकी, सोहरी सहित अन्य ग्रामीण महिला पुरुषों ने बताया कि हम लोग गंझू भोगता समुदाय के लोग आदिवासी श्रेणी में आते हैं । बाराखार के टोले कुम्भीयाटोला, ऊपरटोला, पिपरटोला और बीच टोले मिलाकर 40 घरों से भी अधिक के पूर्वज पीढ़ी दर पीढ़ी से बाराखार मे निवास करते आ रहे हैं।जहां पेयजल के लिए सभी ग्रामीणों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।गांव में एक तालाब है उसी के अप्रोच के नीचे से पानी रिसाव होकर जमा होता है उसे ही गांव के ग्रामीणों चूआंड़ी बनाकर पेयजल के लिए उपयोग करतें हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि तालाब में हम लोग नहाने धोने के साथ कपड़ा भी धोते हैं और उसी तालाब की रिसाव वाले पानी को हम लोग पीते हैं जिससे गांव के ग्रामीण भी बीमार भी पड़ते रहते हैं।हालांकि तलाब मेढ से लगभग 30 फीट नीचे पानी रिसाव होता है वहीं चूआंड़ी बनाया गया है टोले के महिलाएं लगभग 30 फीट तालाब का भीड़ चढ़ने व उतरने के बाद पानी ला पाते हैं। वही ग्रामीणों ने कई प्रतिनिधियों को कोसते हुए कहा कि हमलोग पिछले कई वर्षों से प्रतिनिधियों द्वारा सड़क पानी बिजली व्यवस्था करने की बात सुनते आ रहे हैं लेकिन यहां का स्थिति ज्यों की त्यों पड़ा हुआ है. आज तक बाराखार टोले में सड़क और पेयजल का व्यवस्था नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने जिले के उपायुक्त व क्षेत्रीय विधायक व सांसद से पेयजल सुविधा बहाल करने व सड़क निर्माण कराने की मांग की है।

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