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हमारी प्राथमिकता कोविड-19 से निपटना और शांति बहाल करना है: ममता

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि उनकी नयी सरकार की पहली प्राथमिकता कोविड-19 से निपटना है और दूसरी प्राथमिकता कानून-व्यवस्था की स्थिति को बहाल करना है।सुश्री बनर्जी ने सभी लोगों से शांति बनाये रखने की अपील करते हुये कहा कि ंिहसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बुधवार को तीसरी बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कहा, ‘‘मैं तुरंत नबन्ना जाऊंगी और कोविड की स्थिति से निपटने के लिए योजना तैयार करने को लेकर बैठक करूंगी। कोरोना से निपटना हमारी पहली प्राथमिकता है और दूसरी प्राथमिकता कानून-व्यवस्था की स्थिति को बहाल करना है। अगर कोई व्यक्ति राज्य में ंिहसा करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं स्थिति से निपटने के लिए अपनी टीम गठित करूंगी और सभी राजनीतिक दलों से किसी भी प्रकार की ंिहसा में शामिल नहीं होने की अपील करती हूं। ंिहसा की कुछ घटनाएं हुई हैं और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी अपराधी बच नहीं पाए।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम कोविड स्थिति पर करीब 1230 बजे बैठक करेंगे और नबन्ना में दोपहर बाद करीब तीन बजे मीडिया को संबोधित करेंगे।’ उन्होंने कहा कि प्रशासन को मजबूत करने के लिए सिविल और पुलिस अधिकारियों की नई तैनाती की जाएगी। सुश्री बनर्जी ने कहा,‘पिछले तीन महीनों से स्थिति चुनाव आयोग के नियंत्रण में थी लेकिन अब अधिकारियों की हमारी टीम स्थिति संभालेगी।’’ राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने आज यहां राजभवन में आयोजित एक सादे समारोह में सुश्री बनर्जी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी। सुश्री बनर्जी ने बंगाली में शपथ ली।शपथ ग्रहण समारोह में सुश्री बनर्जी के भतीजे एवं पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी, आई-पीएसी प्रमुख प्रशांत किशोर, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष विमान बनर्जी , फिरहाद हकीम , अभिनेता से सांसद बने देव , प्रदेश के मुख्य सचिव अल्फान बंदोपाध्याय , पुलिस महानिदेशक और अन्य गणमान्य हस्तियां मौजूद थीं।इस दौरान विपक्ष का कोई सदस्य मौजूद नहीं थे। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष और कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी तथा प्रदीप भट्टाचार्य को समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रणपत्र भी भेजा गया था, लेकिन वे नहीं पहुंचे।सुश्री बनर्जी पहली बार वर्ष 2011 में मुख्यमंत्री बनी थी , जब उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य की अगुवाई वाली वाम मोर्चा को चुनाव में परास्त किया था और इसी के साथ काफी लंबे समय से प्रदेश में वाम मोर्चा शासन का अंत हो गया। दूसरी बार उन्होंने वर्ष 2016 के चुनाव में 211 सीट जीतकर अपनी पार्टी की सत्ता बरकरार रखी। हाल में 2021 के विधानसभा चुनाव में सुश्री बनर्जी ने 213 सीटों पर चमत्कारिक जीत हासिल की ।

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