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सातवें चरण का मतदान जारी, मालदा में बवाल,बर्द्धमान में तोड़फोड़

कोलकाता: कोरोना संक्रमण के बीच बंगाल विधानसभा चुनाव के सातवें चरण का मतदान जारी है।मालदा में सातवें चरण के मतदान दौरान मालदा में कई जगहों पर बवाल हुआ है। जिले के चांचल विधानसभा क्षेत्र में कथित तौर पर तृणमूल समर्थक दंपती पर धारदार हथियार से हमला करने का मामला सामने आया है। दोनों को चांचल सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं रतुआ विधानसभा क्षेत्र के पिंडोलतला स्थित 149 नंबर बूथ पर संयुक्त मोर्चा के पोलिंग एजेंट को नहीं बैठने दिया गया। आरोप तृणमूल कांग्रेस के कार्यकतार्ओं पर लगा है। गाजोल विधानसभा क्षेत्र में एक बूथ के अंदर खड़ी बाइक पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का स्टिकर लगा था। इसकी वजह से वहां हंगामा शुरू हो गया। पश्चिम बर्द्धमान की आसनसोल दक्षिण विधानसभा में तृणमूल का बूथ तोड़ने, पूर्व पार्षद की पिटाई का आरोप लगा है। आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के जेके नगर में तृणमूल शिविर को तोड़ फोड़ करने का आरोप केंद्रीय वाहनी पर तृणमूल ने लगाया है। तृणमूल ने दावा किया कि बूथ 200 मीटर की दूर पर होने के बावजूद शिविर को तोड़ दिया गया। इस घटना को लेकर इलाके में तनाव बना है। वही दूसरी ओर बर्नपुर के सोनामती स्कूल के पास पुलिस और तृणमूल कार्यकतार्ओं के बीच विवाद हुआ।
तृणमूल प्रत्याशी व मंत्री फिरहाद हकीम का सनसनीखेज आरोप
कोलकाता पोर्ट विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी व राज्य के कद्दावर मंत्री फिरहाद हकीम ने सातवें चरण की वोटिंग के दौरान सनसनीखेज आरोप लगाया है। फिरहाद ने कहा है कि उनके पोलिंग एजेंट को खरीदने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कोलकाता पुलिस में इसकी शिकायत की है। गौरतलब है कि साथ में चरण में कोलकाता पोर्ट विधानसभा क्षेत्र में भी मतदान हो रहा है।
रासबिहारी सीट से भाजपा का पोलिंग एजेंट गिरफ्तार
कोलकाता की रासबिहारी सीट से भाजपा प्रत्याशी सेना के पूर्व उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सुब्रत साहा के पोलिंग एजेंट को गिरफ्तार कर लिया गया है। एजेंट पर अभद्रता करने का आरोप लगा है। गौरतलब है कि इससे पहले इस सीट से टीएमसी के उम्मीदवार देवाशीष कुमार ने आरोप लगाया कि केंद्रीय बल मतदाताओं को मतदान केंद्र में प्रवेश करने से रोकने का आरोप लगाया।इस बाबत चुनाव आयोग से भी उन्होंने शिकायत की है। चुनाव आयोग ने सख्त निर्देश दिया है कि कोई भी मतदाताओं को बाधा नहीं दे सकता है। यह दौर चुनाव आयोग के लिए अग्निपरीक्षा से कम नहीं है, क्योंकि चुनावी हिंसा के लिए कुख्यात मुर्शिदाबाद और मालदा में मतदान है। यही वजह है कि इन दोनों ही जिलों में दो चरणों में मतदान कराने का निर्णय लिया गया है। बांग्लादेश की सीमा से लगे होने के चलते चुनौती और भी बड़ी है। आयोग का ध्यान अब सुरक्षा इंतजाम के साथ-साथ कोरोना महामारी से बचाव पर भी है। इस बाबत प्रशासन और चुनाव कर्मियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।

 

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