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लोक संस्कृति की प्रतीक अलौकिक देवडोलियों को कराया शाही स्रान

हरिद्वार/देहरादून: उत्तराखंड के श्रीदेवभूमि लोक संस्कृति विरासतीय शोभा यात्रा समिति की ओर से हरिद्वार महाकुंभ के शाही स्रान के लिए रविवार सुबह अलौकिक देवडोलियां शोभायात्रा के रूप में हर की पैड़ी स्थित ब्रह्म कुण्ड में शाही स्रान के लिये ले जायी गयीं। जहां उन्हें विधि विधान से स्रान कराया गया।कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के हरिद्वार स्थित प्रेमनगर आश्रम से मेला नियंत्रण केन्द्र (सीसीआर) होते हुये पुलिस की घुड़सवार टुकड़ी और ढोल-दमाऊ की मधुर धुनों के बीच शोभा यात्रा के रूप में शाही स्रान के लिए पहुंची। ब्रह्मकुण्ड पहुंचने पर पुलिस उपाधीक्षक, अखाड़ा प्रबोध घिल्डियाल आदि ने देवडोलियों पर पुष्प वर्षा की। यहां पर शोभा यात्रा समिति के अध्यक्ष मोहन ंिसह गांववासी, हरिद्वार संयोजक महंत अनिल गिरि, सहसंयोजक मुकेश जोशी की मौजूदगी में देवडोलियों की पारंपरिक विधि-विधान से पूजा अर्चना की गयी। इसके बाद बद्री विशाल, सुरकंडा देवी, मां धारी देवी, घड़ियाल देवता आदि के जयकारे लगाते हुए देवडोलियों को भक्तों और आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने गंगा स्रान कराया। स्रान अवसर पर श्री गंगा सभा के अध्यक्ष प्रदीप झा ने भी ब्रह्मकुंड पर देवडोलियों का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। शाही स्रान करने के पश्चात देवडोलियां सीसीआर होते हुये पुलिस संचार बेस कैम्प पहुंची। जहां पर देवडोलियों का भव्य स्वागत कार्यक्रम मेला प्रशासन और मेला पुलिस प्रशासन की ओर से आयोजित किया गया। जहां मेलाधिकारी दीपक रावत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंभ जन्मेजय खंडूड़ी, महामंडलेश्वर वीरेंद्रानंद ने देवडोलियों का माल्यार्पण और पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर मेलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि पूर्व में हमारी इस कार्यक्रम को वृहद रूप में करने की योजना थी, जिसमें 250 के लगभग देव डोलियों को प्रतिभाग करना था, लेकिन कोरोना महामारी के चलते प्रतीकात्मक रूप में देवडोलियों के शाही स्रान की व्यवस्था कराई गई। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भविष्य में जब हम इस महामारी से ऊबर जाएंगे, तो इसे भव्य और दिव्य रूप से आयोजन कराने में वह स्वयं किसी न किसी रूप में सहभागिता करेंगे और हर सहयोग प्रदान करेंगे। महामंडलेश्वर स्वामी वीरेंद्रानंद ने कहा कि भारत की धार्मिक विरासत बहुत समृद्ध और विश्वव्यापी है। इन परंपराओं को और मजबूती देकर पूरे विश्व में देवडोलियों की पताका को फहराने की जरूरत है। आयोजन समिति के अध्यक्ष पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहन ंिसह रावत गांववासी अध्यक्ष झालीमाली देवी आश्रम, क्यूकालेश्वर पौड़ी गढ़वाल ने कहा कि देवडोलियों के शाही स्रान की परंपरा सनातन धर्म का प्रतीक हैं। इसे लोक संस्कृति और धार्मिक आस्था को आगे बढ़ाने के लिए आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के चलते इसे प्रतीकात्मक स्वरूप देकर शाही स्रान के लिए देवडोलियां हरिद्वार में आई हैं। भविष्य में कोविड की मुक्ति के पश्चात इसे और भव्य रूप प्रदान किया जाएगा। उन्होंने देवडोलियों के शाही स्रान के आयोजन में सहयोग के लिये कैबिनेट मंत्री महाराज, मेलाधिकारी दीपक रावत, आई.जी. कुम्भ संजय गुंज्याल, मेला प्रशासन, पुलिस प्रशासन सहित मीडिया की सकारात्मक भूमिका की सराहना की। इस मौके पर जागर का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर उप मेलाधिकारी दयानन्द सरस्वती, पुलिस उपाधीक्षक प्रकाश देवली, सेक्टर मजिस्ट्रेट योगेश ंिसह मेहरा, संस्थापक विद्यादत्त रतूड़ी, मनोज रसिक, वंशीधर पोखरियाल, रमेश पैन्यूली सहित सम्बन्धित अधिकारी, पदाधिकारी और श्रद्धालु मौजूद थे। स्वागत कार्यक्रम के बाद देवडोलियां अपने धाम को प्रस्थान कर गईं।उल्लेखनीय है कि श्री देवभूमि लोक संस्कृति विरासतीय शोभा यात्रा समिति के तत्वावधान में देव डोलियां शनिवार को ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट में स्रान करने के पश्चात शाम को कैबिनेट मंत्री के प्रेमनगर आश्रम पहुंची थी, जहां पर कैबिनेट मंत्री ने देव डोलियों का स्वागत एवं पूजन किया था।

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