Live 7 TV
सनसनी नहीं, सटीक खबर

लॉक डाउन का लाभ उठा रहे वन माफिया, धड़ल्ले से उजाड़ रहे हैं जंगल, वन विभाग मौन

हुसैन अंसारी
पेशरार/लोहरदगा: जंगलों को बचाने के लिए सरकार की ओर से जहां करोड़ों खर्च की जा रही, वहीं माफिया जंगलों को उजाड़ने में कोई गुरेज नहीं कर रहे हैं। खासकर कोविड-19 महामारी के कारण लगे लॉक डाउन का तो भरपूर लाभ उठा रहे हैं। पिछले लॉक डाउन में भी वन माफियाओं की चांदी ही चांदी थी। उल्लेखनीय है कि लोहरदगा जिले के किस्को एवं पेशरार प्रखंड क्षेत्र में माफिया वर्ग तो लॉक डाउन का जबरदस्त लाभ उठा रहे हैं। बात करें जंगल की रक्षा की तो वन विभाग की टीम इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रहा है, जिससे लकड़ी माफियाओं का तांडव जारी है।

बता दें कि अति नक्सल प्रभावित पेशरार प्रखंड क्षेत्र के जवाखाड़ स्कूल से महज कुछ मीटर की दूरी पर सड़क के किनारे इमारती लकड़ी सखूआ पेड़ काटकर माफियाओं द्वारा तस्करी का धंधा आम हो गया है। लकड़ी माफियाओं के द्वारा विभागीय कार्रवाई की परवाह न करते हुए बेखौफ होकर जंगलों को उजाड़ा जा रहा है। बता दें कि पेशरार प्रखंड क्षेत्र के जवाखाड़ स्कूल के ईद-गिर्द नजर डाले तो धड़ल्ले से लकड़ी तस्करों द्वारा लकड़ी तस्करी का कहर जारी है। परंतु वन विभाग इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। यही वजह है कि लकड़ी माफियाओं का मनोबल हमेशा बढ़ा हुआ है, खासकर स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह का तो भरपूर लाभ ले रहे हैं। वन विभाग के मौनधारण व उदासीन रवैया के वजह से प्रत्येक दिन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित जंगल की कटाई ज्यादा किया जा रहा है। सिर्फ इतना ही नहीं, पेशरार एवं किस्को प्रखंड के पठारी क्षेत्रों में लकड़ी माफियाओं द्वारा इमारती लकड़ी की अंधाधुंध कटाई से पर्यावरण को काफी नुकसान हो रहा है। वन विभाग की लापरवाही का नतीजा है कि लकड़ी माफियाओं के मंसूबे प्रति दिन सफल होता रहा है। यदि भविष्य में लकड़ी माफियाओं के मंसूबे पर विराम नहीं लगाया जाता है, तो वन की बरबादी के अलावा जंगली जानवरों को भी खासा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
जांच के बाद दोषियों पर होगी कार्रवाई : डीएफओ
मामले को ले डीएफओ अरविंद कुमार ने कहा कि जांच पड़ताल कर दोषी लोगों के विरुद्ध वन अधिनियम के तहत कांड दर्ज कर अग्रतर कार्रवाई किया जाएगा।

Looks like you have blocked notifications!
Leave a comment