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बिहार राज्यपाल: कोरोना संकट से निबटने के लिए एकजुटता जरूरी : फागू चौहान

पटना 17 अप्रैल (वार्ता) बिहार के राज्यपाल फागू चौहान ने आज कहा कि कोरोना संकट की यह दूसरी लहर काफी भयावह है और इससे निबटने के लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे।
श्री चौहान ने शनिवार को बढ़ते कोरोना संक्रमण पर सर्वदलीय विमर्श की वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा, “कोरोना संकट की यह दूसरी लहर काफी गंभीर और भयावह है। यह संपूर्ण मानवता के लिए एक संकट की घड़ी है। हमें एक दूसरे की आलोचना में बिना समय गंवाये आपसी एकजुटता के साथ आज इस संकट से उबरना है। पूरी मानवता आज दहशत में है। इस संकट से निबटने के लिए हम सब को सामूहिक प्रयास करने होंगे। हमें विश्वास है कि जनसहभागिता और सभी जन-प्रतिनिधियाें के सहयोग प्राप्त करते हुए कोरोना-संक्रमण से उबरने में हम कामयाब होंगे।”
राज्यपाल ने कहा कि बेहतर एवं उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए वर्तमान राज्य सरकार सतत प्रयत्नशील रही है। वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी के फलस्वरूप उत्पन्न गंभीर चुनौतियों को अवसर में बदलते हुए बिहार ने स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक बेहतर एवं उत्तरदायी बनाया है। वर्ष 2021 में कोविड-19 महामारी के दूसरे चरण के प्रारंभ से ही राज्य सरकार सतर्क एवं सजग है। कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए टेस्ट, ‘ट्रैक एवं ट्रीटमेन्ट की सफल रणनीति पर कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में प्रत्येक दिन एक लाख से ज्यादा लोगों का टेस्ट कराया जा रहा है।

श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए पूर्व से ही जांच की व्यवस्था बढ़ाने तथा इलाज के लिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए पुनः कोविड-संक्रमण से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी थी। प्रारंभिक दौर में राज्य के तीनों प्रमुख हवाई अड्डों पटना, दरभंगा एवं गया के एयरपोर्ट पर अन्य राज्यों जैसे महाराष्ट्र, पंजाब एवं केरल से आने वाले यात्रियों को अनिवार्य रूप से कोविड-19 ‘निगेटिव प्रमाण-पत्र’ प्राप्त करने के बाद ही हवाईअड्डा से बाहर आने की अनुमति की व्यवस्था लागू की गई। यह प्रमाण-पत्र नहीं होने की स्थिति में ‘रैपिड एन्टीजन किट’ के माध्यम से यात्रियों की तत्क्षण जांच की व्यवस्था की गई।
राज्यपाल ने कहा कि अन्य राज्यों से आने वाली ट्रेनाें के संबंध में दैनिक रूप से सूचना प्राप्त कर इन ट्रेनों से उतरने वाले यात्रियों की रैपिड एन्टीजन किट के माध्यम से जांच की व्यवस्था की गई है। सभी जिला पदाधिकारियो को निदेश दिया गया है कि पंचायत स्तर पर माईकिंग के माध्यम से लोगों को टेस्ट हेतु अपील करें तथा कोविड बचाव के अनुकूल व्यवहार के लिए भी संबंधित जानकारी दें। पंचायती राज संस्थानाें एवं नगर विकास एवं आवास विभाग के माध्यम से मास्क-वितरण की व्यवस्था की जा रही है। पाॅजिटिव पाये जाने पर कान्टेनमेंट जोन गठित करना एवं इस जाेन में शत-प्रतिशत जांच एवं अन्य अनुवर्ती कार्रवाई की व्यवस्था की गई है। राज्य में कोरोना जांच के लिए मांग आधारित एवं सघन व्यवस्था की गई है।
श्री चौहान ने बताया कि 14 अप्रैल तक बिहार में कुल दो करोड़ 49 लाख 44 हजार 876 सैम्पलाें की जांच की गई है। कुल तीन लाख 1304 संक्रमितों में से दो लाख 70 हजार 550 व्यक्ति संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं। इस तरह बिहार का रिकवरी प्रतिशत वर्तमान में 89.79 है जबकि राष्ट्रीय स्तर पर रिकवरी प्रतिशत 88.31 है। उन्होंने कहा कि बिहार में अब तक कुल 1675 व्यक्तियों की कोविड-19 संक्रमण से मृत्यु हुई है। इस तरह बिहार में कोविड-19 संक्रमित व्यक्तियों में मृत्यु की दर 0.56 प्रतिशत है जबकि राष्ट्रीय प्रतिशत 1.23 है।

राज्यपाल ने कहा कि आमजन को जागरूक करने के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। ‘कोविड-19’ की दूसरी लहर से उत्पन्न स्थिति का लगातार अनुश्रवण मुख्यमंत्री स्वयं कर रहे हैं । ‘कोविड-19’ के टीकाकरण में भी राज्य ने अच्छा प्रदर्शन किया है। टीकाकरण का संचालन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के जारी दिशा-निदेर्शों के आलोक में चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। अभी हेल्थ केयर वर्कर, फ्रन्टलाइन वर्कर तथा 45 वर्ष से अधिक आयु-वर्ग के व्यक्तियों को टीका दिया जा रहा है।
श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री की राज्यपालों के साथ हुई बैठक में प्रदान किए गये मार्गदर्शन के अनुरूप उनका सुझाव है कि कोरोना-संक्रमण के नियंत्रण तथा टीकाकरण के अभियान में हमें जन-सहभागिता भी सुनिश्चित करनी चाहिये। इस क्रम में रेडक्राॅस सोसाइटी, एनसीसी एवं एनएसएस के कार्यकर्ताओं सहित स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लिये जाने पर भी विचार किया जा सकता है। साथ ही कोरोना-संक्रमण के नियंत्रण के लिए शारीरिक दूरी बनाये रखने, मास्क का प्रयोग करने, स्वच्छता बनाये रखने, अन्य सरकारी निदेशों का पालन करने एवं टीकाकरण कराने के लिए आम जन को प्रेरित करने के लिए विभिन्न धर्मगुरुओं के माध्यम से अपील कराने पर भी विचार किया जा सकता है।
राज्यपाल ने कहा कि ‘‘इस अभियान को सफल बनाने में सभी राजनीतिक दलों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है और मैं विशेष रूप से आप सभी लोगों से इस अभियान से जुड़ने की अपील कर रहा हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि आज की बैठक में आप लोगों के जो महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं, वे कोविड-संक्रमण की रोकथाम के लिए राज्य सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाई में सहायक सिद्ध होंगे तथा इससे आगे की रणनीति तैयार करने में भी मदद मिलेगी।’’

 

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