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नकली हस्ताक्षर के जरिए वाहन छुड़वाने के मामले में न्यायालयकर्मी गिरफ्तार

अलवर: राजस्थान में अलवर के कोतवाली थाना पुलिस ने जज के फर्जी हस्ताक्षर करके जब्त किए वाहन छुड़ाने के मामले में एक न्यायालयकर्मी को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने आज बताया कि अलवर के सीजे एंड जेएम नंबर दो अदालत के रीडर विक्रम मीणा ने पिछले साल 14 जुलाई को कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई की कोरोना काल में जब नियमित अदालतें बंद थी तब 30 अप्रैल को अदालत के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इंद्र प्रकाश तिवारी द्वारा न्यायालय की सील मोहर लगाकर फर्जी वाहन रिलीज आदेश जारी करने का मामले का खुलासा हुआ। इस संबंध में न्यायाधीश को बताया गया, लेकिन अदालतों के नियमित कामकाज बंद होने के कारण उस दौरान कोई कार्रवाई न हो सकी। पुलिस ने बताया कि बाद में 15 जून 2020 से नियमित अदालतें खुलने पर इस मामले की विभागीय जांच शुरू की गई तो जांच के बाद सामने आया कि विभिन्न थानों को न्यायाधीश के फर्जी हस्ताक्षर के जरिए फर्जी वाहन छोड़ने की तहरीर जारी की गईं। इन सभी संदिग्ध फर्जी तहरीरों की हैंडराइंिटग के संबंध में न्यायाधीश ने सभी कर्मचारियों से पूछताछ की। इस दौरान आठ तहरीरों पर अदालत के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इंद्र प्रकाश तिवारी ने हैंड राइंिटग होने की बात कबूल की। बाकि तहरीरों पर अलग-अलग हैंड राइंिटग हैं। पुलिस के अनुसार इस मामले में अन्य कर्मचारियों के शामिल होने की संभावनाओं के मद्देनजर इस जांच का दायरा और बढ़ाया गया है। यह फर्जीवाड़ा लंबे समय से चलने की संभावना भी जताई गई है। इस मामले में पुलिस ने टीम गठित की और विस्तृत जांच के बाद आरोपी कर्मचारी इंद्र प्रकाश तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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