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देवप्रयाग में बादल फटने से मची तबाही, कई दुकानें क्षतिग्रस्त

नई टिहरी: उत्तराखंड में इनदिनों मौसम के तेवर तल्ख है। पहाड़ी जिलों में बारिश आफत बनकर बरस रही है। टिहरी जिले के देवप्रयाग में बादल फटने से गदेरा उफान पर आ गया, जिससे कई दुकानें और मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। गनीमत रही कि कोविड कर्फ्यू के चलते दुकानें बंद थी, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। प्रदेशभर में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। वहीं, आईटीआई का भवन भी ध्वस्त हो गया।थाना प्रभारी देवप्रयाग महिपाल रावत ने बताया कि शाम करीब पांच बजे दशरथ आंचल पर्वत पर बादल फटा। जिससे शांता गदेरा उफान पर आ गया। मलबा आने से देवप्रयाग मुख्य बाजार में भी दस दुकानों को नुकसान हुआ है।वहीं, संगम बाजार का रास्ता भी बंद हो गया है। जनहानि की अभी कोई सूचना नहीं है। कोरोना कर्फ्यू के कारण इस क्षेत्र में लोगों की आवाजाही बंद थी। लेकिन फिर भी टीम रेस्क्यू के लिए घटनास्थल पर पहुंच गई है।एक ओर जहां ऊंची चोटियों पर बर्फबारी का क्रम बना हुआ है तो वहीं पहाड़ों में तेज बारिश का सिलसिला जारी है। मैदानी इलाकों में भी मौसम रंग बदल रहा है। भारी बारिश के चलते देवप्रयाग में बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि अभी तक किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। फिलहाल, एसडीआरएफ की टीमें घटनास्थल की तरफ बढ़ रही है।इससे पहले छह मई को बादल फटने से घनसाली और जाखणीधार ब्लॉक में काफी नुकसान हुआ था। कई हेक्टेयर जमीन तेज बहाव में बह गई, जबकि घनसाली बाजार में कई वाहन मलबे में दब गए। जंगलों में बादल फटने से स्थानीय नैलचामी गदेरे में जलस्तर बढ़ गया, जिससे ये नुकसान हुआ था।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फिर हुई बारिश-बर्फबारी
चमोली जनपद में इन दिनों दोपहर बाद रोज बारिश और बर्फबारी हो रही है। मंगलवार को भी बदरीनाथ धाम की चोटियों के साथ ही जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश हुई। गोपेश्वर में ड्रेनेज सिस्टम सही न होने से बारिश का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है।

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