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सनसनी नहीं, सटीक खबर

जमानत मिलने के बाद एम्स में भर्ती लालू यादव एम्स हॉस्पिटल से बाहर आए, बेटी मीसा भारती के पंडरा पार्क, दिल्ली स्थित घर में शिफ्ट हुए

पटना में समर्थकों की भीड़ बढ़ने का डर बढ़ने बढ़ने के डर से लालू यादव अभी दिल्ली में ही रहेंगे दिल्ली में रहने के कारण स्वास्थ्य निगरानी जांच वगैरह में भी आसानी होगी

परिवारवालों को इस बात का डर है कि यदि लालू पटना आते हैं तो उनके समर्थकों की भीड़ बढ़ जाएगी। राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर हजारों की भीड़ हर रोज रहेगी। ऐसे में लोगों में संक्रमण फैलने का डर रहेगा। लालू यदि पटना में रहेंगे तो पार्टी नेता और दूसरे लोग भी आवास पर आ जाएंगे। उन्हें मना नहीं किया जा सकता है।

18 अप्रैल को मिली जमानत, कोर्ट ने 2 शर्तें रखीं

लालू यादव को चारा घोटाले से जुड़े मामले में 18 अप्रैल को झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिली है। कोर्ट ने दो शर्तें रखी हैं। पहली- जमानत के दौरान लालू हाईकोर्ट से परमिशन लिए बिना देश से बाहर नहीं जाएंगे। दूसरी- वे अपना मोबाइल नंबर और पता भी नहीं बदलेंगे।

लालू यादव को सशर्त जमानत दुमका ट्रेजरी मामले में आधी सजा पूरी होने के बाद दी गई है। इससे पहले लालू यादव को अक्टूबर 2020 में चाईबासा ट्रेजरी मामले में जमानत मिल गई थी, लेकिन दुमका ट्रेजरी केस की वजह से उनकी रिहाई नहीं हुई थी।

लालू को कब-कब जेल जाना पड़ा?
30 जुलाई 1997: पहली बार लालू यादव को जेल जाना पड़ा। इस दौरान कुल 135 दिन जेल में रहे।
28 अक्टूबर 1998: दूसरी बार जेल गए। 73 दिन बाद बाहर निकले।
5 अप्रैल 2000: तीसरी बार जेल गए। 11 दिन बाद जमानत मिली।
28 नवंबर 2000: आय से अधिक संपत्ति के मामले में एक दिन के लिए जेल गए।
3 अक्टूबर 2013: चारा घोटाले से जुडे़ एक मामले में दोषी साबित होने के बाद जेल गए। 70 दिन बाद बाहर निकले।
23 दिसंबर 2017: चारा घोटाले से जुड़े एक केस में सजा होने के बाद जेल गए। अब जमानत मिली है।

चारा घोटाले के इन 4 मामलों में लालू को सजा सुनाई जा चुकी है

पहला मामला
चाईबासा ट्रेजरी केस
37.7 करोड़ रुपए अवैध निकासी का आरोप
लालू प्रसाद समेत 44 अभियुक्त
मामले में 5 साल की सजा

दूसरा मामला
देवघर ट्रेजरी
84.53 लाख रुपए की अवैध निकासी का आरोप
लालू समेत 38 पर केस
लालू प्रसाद को साढ़े तीन साल की सजा

तीसरा मामला
चाईबासा ट्रेजरी
33.67 करोड़ रुपए की अवैध निकासी का आरोप
लालू प्रसाद समेत 56 आरोपी
5 साल की सजा

चौथा मामला
दुमका ट्रेजरी
3.13 करोड़ रुपए की अवैध निकासी का मामला
दो अलग-अलग धाराओं में 7-7 साल की सजा बनाई गई थी

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