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कोरोना की चौथी लहर: शिक्षा विभाग ने स्कूलों में लगाये कड़े प्रतिबंध

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रांची : कोरोना की चौथी लहर में देशभर में बढ़ रहे संक्रमण के नए मामलों को देखते हुए झारखंड सरकार की ओर से कड़ाई शुरू कर दी गई है। सरकार ने छात्रों में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए सभी सरकारी स्कूलों में शिक्षक, रसोइया और दूसरे कर्मियों को कोरोना वैक्‍सीन का दोनों डोज का टीका लेना अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही स्‍कूलों में सुबह के सत्र में होने वाली प्रार्थना व अन्‍य सामूहिक आयोजनों पर तत्‍काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर भी रोक लगाई गई है। सरकार की ओर से कोरोना प्रोटोकाल का सभी स्कूलों में सख्ती से अनुपालन कराने को कहा गया है। शिक्षा विभाग ने कोविड गाइडलाइन जारी की है जिसमें कहा गया है कि क्‍लास वन से 12 तक आॅफलाइन क्‍लास चलती रहेगी। माता-पिता की लिखित सहमति लेकर छात्र पढ़ने आएंगे। शिक्षक बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करेंगे। छात्र घर से टिफिन बाक्स लेकर आएंगे। सभाकक्ष, खेल और अन्य गतिविधिओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। क्‍लास में छात्र शारीरिक दूरी बनाकर बैठेंगे। स्कूलों में कोरोना जांच नियमित रूप से होगी। स्‍कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने सभी स्‍कूलों में प्राथमिकता के आधार पर कैंप लगाकर छात्रों की कोरोना जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में उपायुक्तों को कोरोना प्रोटोकाल का अनिवार्य तौर पर कड़ाई से पालन कराने की हिदायत दी गई है। किसी भी सूरत में स्‍कूलों में भीड़भाड़ न लगने पाए, इस पर नजर रखने को कहा गया है। शिक्षा विभाग के सचिव राजेश शर्मा ने सभी जिला के उपायुक्तों को पत्र भेजकर कहा है कि झारखंड में सभी श्रेणी के स्कूल खुले हैं, जिनमें रोज 70 प्रतिशत विद्यार्थियों की उपस्थिति है। जबकि कई आवासीय विद्यालयों में भी छात्र-छात्राएं हॉस्‍टल में रहकर अपनी पढ़ाई कर रहे हैं। स्कूलों में कोरोना वायरस संक्रमण न हो, इसके लिए जरूरी है कि प्राथमिकता के आधाार पर छात्रों की कोरोना जांच हो। क्‍योंकि देश के कई राज्यों में कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं। शिक्षा विभाग ने खासकर कस्‍तूरबा आवासीय विद्यालय, जिला स्‍कूल, मॉडल स्‍कूल आदि में कैंप लगाकर छात्र-छात्राओं की कोरोना संक्रमण जांच कराने को कहा है। कहा गया है कि देश के कुछ राज्यों में कोरोना संक्रमण दर में तेज वृद्धि देखी जा रही है। इसलिए स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों का कोरोना संक्रमण से बचाव नितांत जरूरी है। इससे पहले स्कूलों के खोले जाने के समय कोरोना वायरस से बचाव को लेकर कोविड गाइडलाइन जारी की गई थी, उसका सख्ती से अनुपालन कराने को कहा गया है। सभी शिक्षकों को मास्क का उपयोग अनिवार्य तौर पर करने को कहा गया है। स्कूलों को नियमित रूप से सैनिटाइज किया जाना जरूरी है।

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