Live 7 TV
सनसनी नहीं, सटीक खबर

कुंभ: साधु—संतों ने प्रतीकात्मक रूप से हर की पैडी पर गंगा में आस्था की डुबकी लगाई

देश भर में कोविड मामलों में हो रही बेतहाशा वृद्धि के कारण मंगलवार को चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर हरिद्वार महाकुंभ का आखिरी शाही स्नान फीका रहा जहां सभी 13 अखाडों के करीब 2000 साधु—संतों ने प्रतीकात्मक रूप से हर की पैडी पर गंगा में आस्था की डुबकी लगाई ।

अधिकारियों ने बताया कि कुंभ के चौथे और आखिरी शाही स्नान में सभी 13 अखाडों के करीब 2000 संतों ने मुख्य स्नान घाट हर की पैडी मोक्षदायिनी गंगा नदी में डुबकी लगाई ।

कोरोनावायरस संक्रमण का खौफ घाट पर एक दूसरे से दूरी बनाकर स्नान कर रहे साधुओं को देखकर साफ नजर आ रहा था । हर की पैडी का मुख्य स्नान घाट शाही स्नान के कारण केवल अखाडे के साधुओं के लिए आरक्षित था ।

चौदह अप्रैल को मेष संक्रांति और बैसाखी पर हुए पिछले शाही स्नान के बाद 17 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुंभ को बाकी अवधि के लिए ‘प्रतीकात्मक’ रखने का अनुरोध किया था जिसे संतों ने स्वीकार कर लिया था ।

हरिद्वार के विभिन्न स्नान घाटों पर पिछले शाही स्नान के बाद से ही भीड में काफी कमी आ गई थी । कोरोनावायरस संक्रमण के मामलों में हो रही वृद्धि का हवाला देते हुए कई प्रमुख अखाडों ने कुंभ से लौटना शुरू कर दिया था ।

कोविड संक्रमण के कारण कुंभ की अवधि एक अप्रैल से 30 अप्रैल निर्धारित की गई थी लेकिन इससे काफी पहले ही हरिद्वार का कुंभ क्षेत्र वीरान सा हो गया था । उत्तराखंड में मंगलवार को रिकार्ड 5703 मरीजों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई जबकि रिकार्ड 96 मौतें भी दर्ज की गयीं ।

हरिद्वार की जोनल अधिकारी (अभिसूचना) सुनीता वर्मा ने बताया कि जूना, अग्नि, आवाहन, किन्नर, निरंजनी, आनंद, बडा उदासीन, निर्मल, नया उदासीन सहित सभी 13 अखाडों से जुडे करीब 2100 साधुओं ने गंगा स्नान किया ।

बाद में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए मेलाधिकारी दीपक रावत ने साधु संतों का आभार जताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री की अपील के बाद शाही स्नान को सीमित रखा ।

इससे पहले सुबह शाही स्नान शुरू होने से पूर्व कुंभ मेलाधिकारी दीपक रावत, मेला पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल और कुंभ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जन्मेजय खंडूरी ने हर की पैडी पर व्यवस्था का जायजा लिया ।

Looks like you have blocked notifications!
Leave a comment